
उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MPUAT), उदयपुर के पेंशनर्स वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित वार्षिक अधिवेशन और वरिष्ठ पेंशनर्स सम्मान समारोह में राजस्थान के कृषि विश्वविद्यालयों में व्याप्त पेंशन संकट पर गहरा मंथन किया गया। आर.सी.ए. महाविद्यालय के सभागार में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलपति डॉ. आर. बी. दुबे उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता MPUAT के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ ने की।
एकजुटता ही समाधान का मार्ग
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. आर. बी. दुबे ने स्पष्ट किया कि पेंशन की समस्या का समाधान केवल तभी संभव है जब राजस्थान के पांचों सरकारी कृषि विश्वविद्यालय और उनकी पेंशनर्स सोसायटियां पूर्ण एकजुटता के साथ राज्य सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में सरकार ‘मंडी टैक्स’ से प्राप्त राशि के माध्यम से कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स का भुगतान सुनिश्चित कर रही है। राजस्थान में भी इसी तरह के वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही पांचों कुलपति मुख्यमंत्री से मिलकर इस विषय पर चर्चा करेंगे।
वरिष्ठों का सम्मान और संघर्ष की गाथा
अधिवेशन के दौरान 70, 75, 80 और 85 वर्ष से अधिक आयु के 139 वरिष्ठ पेंशनर्स को मेवाड़ी पाग, उपरणा और शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र कुमार भटनागर ने बताया कि वर्ष 2008 से ही संस्था पेंशनर्स के हक के लिए संघर्षरत है। वर्तमान में उदयपुर नगर विकास प्राधिकरण और विश्वविद्यालय के आंतरिक संसाधनों के तालमेल से पेंशन का भुगतान हो रहा है, लेकिन यह व्यवस्था अस्थायी है। आने वाले समय में यह राशि समाप्त हो जाएगी, इसलिए सरकार से बजट में स्थायी प्रावधान की गुहार लगाई जा रही है।
पेंशन : खैरात नहीं, कानूनी हक
पूर्व विशेषाधिकारी डॉ. सुभाष भार्गव ने तथ्यों के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि पेंशन ‘विस्तारित वेतन’ (Extended Salary) है, जो कर्मचारी का कानूनी अधिकार है। उन्होंने मांग की कि सरकार या तो एक विशाल ‘कॉर्पस फंड’ (Corpus Fund) का निर्माण करे या अन्य राज्यों की तरह वार्षिक बजट में कृषि विश्वविद्यालय के पेंशनर्स के लिए विशेष प्रावधान करे।
प्रशासनिक सहयोग और भविष्य की रणनीति
कुलपति डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि पेंशन समस्या का निराकरण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि बहुत जल्द पांचों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और पेंशनर्स प्रतिनिधियों की एक मैराथन बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें एक संयुक्त तथ्यात्मक प्रतिवेदन (Joint Fact Report) तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. गायत्री तिवारी ने किया और अंत में महामंत्री आर. के. राजपूत ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व कुलपति डॉ. उमाशंकर शर्मा, कोषाध्यक्ष देवीलाल तेली सहित सैकड़ों सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
About Author
You may also like
-
नारायण सेवा संस्थान में नूर-ए-इंसानियत का महाकुंभ : जहां बेबसी हार गई और वफ़ा जीत गई, 51 जोड़ों की दास्तान-ए-मुहब्बत
-
कामों में देरी पर सख्त हुए विधायक जैन, यूडीए को दिए तेज़ी से काम पूरा करने के निर्देश, बोहरागणेशजी पार्किंग इसी माह, मस्तान बाबा क्षेत्र में पुलिस चौकी बनाने को कहा
-
पेंशनर्स वेलफेयर सोसायटी का वार्षिक अधिवेशन आज, वरिष्ठ पेंशनर्स होंगे सम्मानित
-
तलवारों की चमक में बुझ गई दो घरों की उम्मीदें : हमले में दो युवकों की मौत, गांव में पसरा मातम
-
नेपाल में भीषण सड़क हादसा: मनकामना मंदिर से लौट रहे 7 भारतीय श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल