नेबरहुड फर्स्ट : भारत ने सेशेल्स को भेजी 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न की खेप, 175 मिलियन डॉलर के विशेष पैकेज के तहत जारी रहेगी मदद

नई दिल्ली। हिंद महासागर में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीपीय देश सेशेल्स के साथ अपनी मित्रता को और मजबूत करते हुए भारत ने आज मानवीय सहायता की एक बड़ी खेप रवाना की है। भारत सरकार ने मंगलवार को सेशेल्स को 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न भेजा है, जो भारत द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज का हिस्सा है।

विशेष आर्थिक पैकेज और कूटनीतिक पहल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि यह खाद्यान्न सहायता भारत द्वारा घोषित 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की पहली खेप है। इस पैकेज में शामिल हैं:

$125 मिलियन: लाइन ऑफ क्रेडिट (कर्ज सुविधा)।

$50 मिलियन: अनुदान सहायता (Grant assistance)।
इस राशि का उपयोग सेशेल्स की विकास परियोजनाओं, रक्षा क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी की मुलाकात का असर
यह सहायता फरवरी 2026 में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा के दौरान हुए समझौतों का परिणाम है। 9 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात में दोनों देशों ने ‘सेशेल’ (SESEL – सस्टेनेबिलिटी, इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सिक्योरिटी थ्रू एन्हांस्ड लिंकज) संयुक्त विजन पर सहमति जताई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत, सेशेल्स के विकास एजेंडे में एक ‘विश्वसनीय साझेदार’ बना रहेगा।

डिजिटल परिवर्तन में सहयोग
खाद्यान्न और सुरक्षा के अलावा, भारत सेशेल्स के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को आधुनिक बनाने में भी मदद करेगा। भारत ने सेशेल्स में डिजिटल पेमेंट सिस्टम विकसित करने का आश्वासन दिया है, जिससे वहां के वित्तीय समावेशन को नई गति मिलेगी।

ऐतिहासिक संबंधों की मजबूती
भारत और सेशेल्स के बीच 1976 से ही घनिष्ठ संबंध रहे हैं। ताजा मदद इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी ‘सागर’ (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सहायता न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि नागरिक और रक्षा कर्मियों के प्रशिक्षण के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाएगी।

 

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