महायुद्ध से दुनिया की नींद उड़ी : ट्रंप की सभ्यता मिटाने वाली धमकी और कुछ घंटों का इंतजार

ट्रंप की सभ्यता मिटाने की धमकी, ईरान का पलटवार— सालों तक नहीं मिलेगा तेल और गैस

वॉशिंगटन/तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर है जहाँ से वापसी नामुमकिन नजर आ रही है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने की समय सीमा खत्म होने में अब कुछ ही घंटे बचे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी अब तक की सबसे खौफनाक चेतावनी देते हुए लिखा— “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी।”

राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देने वाली चेतावनी दी है। IRGC ने कहा है कि यदि अमेरिका ने ‘रेड लाइन’ पार की और ईरान के नागरिक ठिकानों पर हमला किया, तो वे अमेरिका और उसके सहयोगियों को “कई वर्षों तक तेल और गैस” की आपूर्ति से वंचित कर देंगे। ईरान ने युद्ध को क्षेत्र से बाहर फैलाने की भी धमकी दी है।

इराक में हताहत: इराक-ईरान सीमा के पास बसरा में संदिग्ध अमेरिकी मिसाइल हमले में 3 नागरिकों की मौत हो गई है। यह हमला कुवैत की दिशा से किए जाने की खबर है।

इजरायल पर मिसाइल बौछार: ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइलों की एक और लहर छोड़ी गई है। इजरायली डिफेंस सिस्टम इन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

परमाणु संयंत्र पर खतरा: विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमले जारी रहे, तो क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण (Radioactive Contamination) फैलने का गंभीर जोखिम है।

इजरायली सेना ने स्वीकार किया है कि तेहरान में एक यहूदी उपासना स्थल (Synagogue) को जो नुकसान पहुँचा, वह उनके हमले का नतीजा था। इजरायल का दावा है कि वे ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य कमांडर को निशाना बना रहे थे और उपासना स्थल को हुआ नुकसान एक ‘कोलेटरल डैमेज’ (अनचाहा नुकसान) है।

ट्रंप के “सभ्यता मिटाने” वाले बयान को कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों ने ‘युद्ध अपराध’ (War Crime) की श्रेणी में रखा है। येल यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ऊना हैथवे ने कहा कि ट्रंप की यह पोस्ट भविष्य में युद्ध अपराधों के मुकदमों में मुख्य सबूत बनेगी। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इसे “अत्यंत डरावनी और नैतिक रूप से निंदनीय” बयानबाजी बताया है।

संयुक्त राष्ट्र में गतिरोध: हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर सुरक्षा परिषद में लाया गया प्रस्ताव रूस और चीन के वीटो के कारण गिर गया है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता: पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच पर्दे के पीछे से बातचीत जारी है, जिसे युद्ध रोकने की आखिरी कोशिश माना जा रहा है।

इमरजेंसी : मेडागास्कर ने इस युद्ध के वैश्विक प्रभाव के कारण देश में ‘ऊर्जा आपातकाल’ घोषित कर दिया है।

 

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