उदयपुर में नारी शक्ति : कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर उतरा महिलाओं का जनसैलाब, फूंका राहुल गांधी का पुतला

उदयपुर।

झीलों की नगरी शनिवार को ‘नारी शक्ति’ के जनघोष से थर्रा उठी। महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा अड़ंगा लगाने के खिलाफ हज़ारों महिलाओं ने ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकालकर विपक्ष की चूलें हिला दीं। हाथों में तख्तियां और लबों पर “नारी का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” के नारों के साथ महिलाओं ने साफ कर दिया कि अब वे केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि देश की निर्णायक शक्ति हैं।


सड़कों पर आक्रोश: राहुल गांधी का पुतला दहन

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा और सर्व समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह पदयात्रा टाउन हॉल से शुरू हुई। बापू बाजार और देहलीगेट होते हुए जब यह विशाल रैली सूरजपोल पहुंची, तो वहां का दृश्य अभूतपूर्व था। विपक्षी दलों द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में बाधा डालने से आक्रोशित महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन कर अपना गुस्सा जाहिर किया।

आरक्षण हमारा हक, लेकर रहेंगे: वक्ताओं का प्रहार

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कांग्रेस, सपा, टीएमसी और आरजेडी जैसे दलों को ‘महिला विरोधी’ करार दिया। मुख्य बिंदु रहे:

  • ऐतिहासिक अन्याय: वक्ताओं ने कहा कि जब भाजपा महिलाओं को 33% आरक्षण देकर नीति निर्माण में भागीदार बनाना चाहती है, तब विपक्ष इसे रोकने की राजनीति कर रहा है।

  • सामाजिक न्याय की लड़ाई: देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व संसद में मात्र 14% होना लोकतांत्रिक असंतुलन है। महिलाएं अब इस भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेंगी।

  • संकल्प: पदयात्रा के अंत में महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे कांग्रेस के इस महिला विरोधी चेहरे को गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक बेनकाब करेंगी।

दिग्गजों ने दिखाई झंडी, शक्ति प्रदर्शन में जुटे हज़ारों नाम

रैली प्रभारी हंसा माली के नेतृत्व में निकली इस यात्रा को राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, विधायक फूलसिंह मीणा और डॉ. अलका मुंदड़ा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने झंडी दिखाकर रवाना किया। मीडिया प्रभारी डॉ. सीमा चम्पावत ने बताया कि इस शक्ति प्रदर्शन में पूर्व महापौर रजनी डांगी, कोमल गहलोत, कविता जोशी सहित जिले के सभी मंडलों के पदाधिकारी, पार्षद, प्रधान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।


“महिलाएं अब चुप नहीं रहेंगी। हमने पंचायत से संसद तक अपना अधिकार मांगा है और जो हमारे हक के बीच आएगा, उसे सत्ता से बेदखल कर दिया जाएगा।”नारी शक्ति का सामूहिक स्वर


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