
विश्व फोटोग्राफी दिवस के मौके पर उदयपुर के सुखाड़िया सर्किल पर गरीब बच्चों की मोबाइल देखते हुए यह तस्वीर उदयपुर के प्रमुख फोटो जर्नलिस्ट कमल कुमावत ने अपने कैमरे में कैद की है।
यह तस्वीर देखकर किसी के भी मन में भावनाएं उमड़ सकती है जो गरिबी और मुश्किलों से रूबरू करवाए। अगर आप ज्यादा सोचें तो आपकी आंखों में आंसू भी आ सकते हैं।
यह सच्चाई है, जो उन दावों को पोल खोलती है, जो दावे लाल किले के प्राचीर से किए जाते हैं। यह तस्वीर उन राहत कैंपों, मोबाइल कैंपों को भी झूठ साबित करती है, जिसमें आखिरी पंक्ति तक राहत पहुंचाने की बात की जा रही है। चुनाव जीतने के लिए पानी की तरह पैसे को बहाया जा रहा है।

सवाल यह कि इस तस्वीर में दिखाई दे रहे बच्चे क्या स्कूल जा रहे हैं, सीएम आवास, पीएम आवास योजना के तहत अब तक इन बच्चों व परिवार के पास पक्का मकान क्यों नहीं है? क्या इनको सोशल सिक्योरिटी का लाभ मिल रहा है? अगर जिम्मेदार वाकई में संवेदनशील है तो इस तस्वीर की सच्चाई तक पहुंचे और भारत के भविष्य को सुधारे।
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