
उदयपुर। वेदांता समूह की कंपनी और भारत में जिंक, लेड व सिल्वर के सबसे बड़े और एकमात्र एकीकृत उत्पादक, हिंदुस्तान जिंक ने विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण प्रबंधन के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया है। कंपनी द्वारा अपनी सभी परिचालन इकाइयों में सघन वृक्षारोपण और पर्यावरण चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई प्रभावशाली और रचनात्मक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। ये सभी पहल सस्टेनेबिलिटी (सतत विकास) और कार्यस्थल पर जिम्मेदारी से संचालन करने की कंपनी की मजबूत नीति को प्रदर्शित करती हैं।
प्रधान कार्यालय में ‘ग्रीन वर्कप्लेस इनिशिएटिव’ की शुरुआत
उदयपुर स्थित हिंदुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय (हेड ऑफिस) में कर्मचारियों ने ‘ग्रीन वर्कप्लेस इनिशिएटिव’ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अनूठी पहल के दौरान कर्मचारियों ने अपने रोजमर्रा के व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन में प्राकृतिक संसाधनों के सही, सीमित और पुनर्चक्रण (कम उपयोग) से जुड़े आसान लेकिन बेहद प्रभावी तौर-तरीकों का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, कर्मचारियों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के लिए एक ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और परिसर में हरियाली बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया।

जिंक स्मेल्टर देबारी में सामूहिक जिम्मेदारी पर मंथन
जिंक स्मेल्टर देबारी इकाई में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न टीमों के बीच बेहतरीन तालमेल और उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में यूनियन प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों ने पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी पर अपने बहुमूल्य विचार और मार्गदर्शन साझा किए।
कंपनी की ईएसजी (ESG) टीम ने विश्व पर्यावरण दिवस की इस वर्ष की मूल थीम, मुख्य प्राथमिकताओं और भविष्य में पर्यावरणीय प्रदर्शन को और अधिक बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण शॉप फ्लोर से जुड़े बिजनेस पार्टनर कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने जमीनी स्तर पर पर्यावरण सुरक्षा के लिए लागू की जा रही व्यावहारिक और व्यावहारिक पहलों की जानकारी साझा की।
जावर माइंस में रचनात्मक प्रतियोगिताओं से दिया संदेश

जावर माइंस इकाई में भी मुख्यालय के नेतृत्व में पर्यावरण चेतना को समर्पित कई तरह की गतिविधियों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यहाँ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने और स्वच्छता अभियान चलाने के साथ-साथ कर्मचारियों व उनके परिवारों के लिए विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इनमें मुख्य रूप से:
पर्यावरण जागरूकता क्विज प्रतियोगिता
‘अखबार से बैग बनाना’ (प्लास्टिक के विकल्प के रूप में)
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता
‘वेस्ट आउट ऑफ बेस्ट’ (कचरे से बेहतरीन वस्तुएं बनाना)
इन सभी रचनात्मक पहलों ने न केवल कर्मचारियों की भागीदारी को अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए नए नवाचारों को भी प्रेरित किया। यह पूरा आयोजन हिंदुस्तान जिंक के उस निरंतर प्रयास को रेखांकित करता है जिसके तहत कंपनी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को केवल एक औपचारिकता न मानकर अपनी कार्य संस्कृति और दैनिक संचालन का एक अहम हिस्सा मानती है।
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