उदयपुर। उदयपुर के पूर्व राजघराने के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के ससुर केवी सिंह देव ने बुधवार को ओडिशा के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। इससे पहले लक्ष्यराज सिंह के चचेरे भाई विश्वराज सिंह नाथद्वारा से विधायक हैं और भाभी (विश्वराज सिंह की पत्नी) महिमा कुमारी मेवाड़ हालही सांसद चुनी गई हैं। इस लिहाज से मेवाड़ के पूर्व राजघराने का सियासत में वर्चस्व बढ़ गया है। डॉ. लक्ष्यराज सिंह खुद ने कोई पार्टी ज्वाइन नहीं की हो, लेकिन उनके बीजेपी से लेकर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अच्छे संबंध रहे हैं।

इस साल विधानसभा और लोकसभा चुनावों में सुर्खियों में रहा है। चुनावों से पहले डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के चुनाव लड़ने के कई कयास लगाए जाते रहे। उनसे पत्रकारों ने सियासत में एंट्री के मुद्दे पर कई बार सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने यही कहा कि अभी वे किसी पार्टी से नहीं जुड़े हैं, भविष्य में सभी रास्ते खुले हैं। उनका मानना है कि राजनीति लोगों की सेवा करने का क्षेत्र है और वे लोगों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं और करते रहेंगे।
डॉ. लक्ष्यराज सिंह के ससुर केवी सिंह देव का पूरा नाम कनक वर्धन सिंह देव है। ओडिशा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल केवी सिंह देव ने 1995, 2000, 2004, 2009 और 2014 में लगातार पांच विधानसभा चुनावों में पटनागढ़ से जीत हासिल की है। हालांकि 2019 में उन्हें बीजेडी के सरोज कुमार मेहर से 11 हजार मतों के अंतर से हार झेलनी पड़ी थी। सिंहदेव 1990 का विधानसभा चुनाव भी हार गए थे। हालांकि इस बार सिंहदेव ने वापसी की और पटनागढ़ से छठी बार जीत दर्ज की है। केवी सिंह देव 2000 से 2009 के बीच पटनायक सरकार में मंत्री भी रहे। बीजू जनता दल और भाजपा गठबंधन की सरकार में उन्होंने उद्योग मंत्री और शहरी विकास मंत्री के रूप में कार्य किया।
केवी सिंह देव की उपमुख्यमंत्री के रूप में नियुक्ति ओडिशा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और शाही परिवार से ताल्लुक रखने के कारण, उम्मीद की जा रही है कि वे राज्य के विकास में अहम योगदान देंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिमा कुमारी का पश्चिम बंगाल के पंचकोट पूर्व राजघराने से सम्बन्ध है, लेकिन बचपन से ही उनका नाता वाराणसी से ही रहा है। बचपन में वे अपनी माता के साथ वाराणसी में रहीं और उनकी प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी में ही हुई है। महिमा के मामा मध्यप्रदेश की सतना सीट से सांसद रह चुके हैं। उनके ममेरे भाई वर्तमान में एमपी की एक सीट से विधायक हैं. साथ ही उनकी चाची टिहरी-गढ़वाल से सांसद हैं।
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