
उदयपुर/राजपुरा दरीबा।
भारत की एकमात्र और दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक कंपनी, हिंदुस्तान जिंक, ने माइनिंग के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने अपनी राजपुरा दरीबा माइन में एडवांस्ड टेली-रिमोट ड्रिलिंग सिस्टम की शुरुआत की है। यह कदम न केवल माइनिंग को स्मार्ट बना रहा है, बल्कि उत्पादन के क्षेत्र में नए वैश्विक मानक भी स्थापित कर रहा है।
इस नई तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब इंजीनियर्स जमीन की सतह (Surface) पर बैठकर ही सैकड़ों मीटर नीचे भूमिगत उपकरणों को रियल-टाइम सटीकता के साथ संचालित कर सकेंगे।
क्षमता: वर्तमान में यह प्रणाली 600 मीटर से अधिक की गहराई तक प्रभावी है, जिसे भविष्य में 800 मीटर तक बढ़ाया जा सकता है।
रफ्तार: यह तकनीक 60 मीटर प्रति घंटे की दर से निरंतर ड्रिलिंग करने में सक्षम है।
निरंतरता: मजबूत वायरलेस कनेक्टिविटी की वजह से ब्लास्टिंग चक्रों और शिफ्ट बदलने के दौरान भी ड्रिलिंग का काम बिना रुके जारी रहता है।
राजपुरा दरीबा माइन में इस स्मार्ट सिस्टम के लागू होने से परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) में जबरदस्त सुधार की उम्मीद है। तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, इस ऑटोमेशन के जरिए कुल उत्पादकता में 17 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। इससे पहले कंपनी अपनी सिंदेसर खुर्द और रामपुरा अगुचा खदानों में इस तकनीक का सफल परीक्षण कर चुकी है।
हिंदुस्तान जिंक केवल ड्रिलिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी माइनिंग में
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स का भी विस्तार कर रही है:
AI निगरानी : हाल ही में लागू एआई-संचालित कैमरा निगरानी प्रणाली से कार्यस्थल पर मानवीय हस्तक्षेप में 50% की कमी आई है, जिससे सुरक्षा और बढ़ी है।
रोबोटिक ऑटोमेशन : उच्च तापमान वाले स्मेल्टिंग ऑपरेशन्स में रोबोट तैनात किए गए हैं, जो काम की गुणवत्ता और सटीकता को बढ़ा रहे हैं।
भविष्य की योजना : जल्द ही खदानों की सटीक मैपिंग के लिए LiDAR और ड्रोन-आधारित स्कैनिंग तकनीक का उपयोग शुरू किया जाएगा।
इस उपलब्धि पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ, अरुण मिश्रा ने कहा, “राजपुरा दरीबा में टेली-रिमोट सिस्टम की तैनाती हमारे डिजिटल इनोवेशन और भविष्य के लिए तैयार माइनिंग सिस्टम बनाने के फोकस को दर्शाती है। हम भारत में माइनिंग इंडस्ट्री के लिए नए बेंचमार्क स्थापित कर रहे हैं।”
हिंदुस्तान जिंक ‘वी स्पार्क डीपटेक वेंचर्स’ के माध्यम से 20 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ मिलकर 50 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। यह स्पष्ट है कि कंपनी सुरक्षा, दक्षता और सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता देते हुए भारत में माइनिंग के भविष्य को फिर से परिभाषित कर रही है।
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