
बीपीसीएल गैस प्लांट, साकरोदा में सिविल डिफेंस अभ्यास सफल; आला अधिकारी रहे मौजूद
उदयपुर। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर बुधवार को उदयपुर के साकरोदा स्थित भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) गैस प्लांट परिसर में हाई-प्रोफाइल मॉक ड्रिल आयोजित की गई। एयर स्ट्राइक की परिकल्पना पर आधारित इस अभ्यास के माध्यम से जिले की आपात सेवाओं, सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक इकाइयों की तैयारियों को परखा गया।
ड्रिल की शुरुआत अलर्ट सायरन के साथ हुई, जिसके तुरंत बाद नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें बीपीसीएल परिसर में पहुंचीं और ‘एयर स्ट्राइक’ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी बी.एल. चौधरी के नेतृत्व में मॉक ड्रिल का संचालन किया गया। आग पर काबू पाने, घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने जैसे विभिन्न चरणों का सफल पूर्वाभ्यास किया गया।
घायलों को प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन प्रबंधन का अभ्यास
ड्रिल में 21 डमी घायलों को रेस्क्यू कर निकटवर्ती अस्पतालों में पहुंचाया गया। इनमें 4 को आरएनटी मेडिकल कॉलेज, 5 को जीबीएच अस्पताल और शेष को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया। यह पूर्वाभ्यास यह दर्शाता है कि आपदा की स्थिति में चिकित्सा प्रतिक्रिया प्रणाली कितनी तीव्र और समन्वित है।

मौके पर पहुंचे जिले और संभाग के आला अधिकारी
सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर नमित मेहता, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त सी.आर. देवासी, एडीएम दीपेंद्र सिंह, एसडीएम सोनिका कुमारी, एडिशनल उमेश ओझा और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सभी ने ड्रिल की बारीकियों का अवलोकन कर टीमों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजेश मीणा ने भी मौके पर पहुंचकर ड्रिल का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा बलों को सराहना दी और मॉक ड्रिल को ‘जरूरी अभ्यास’ करार देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से आपसी तालमेल मजबूत होता है और वास्तविक आपदाओं से निपटने में मदद मिलती है।

आईजी का संदेश: उपकरण और प्रशिक्षण पर दें खास ध्यान
आईजी मीणा ने कहा, “किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत जिला प्रशासन को दी जाए। सभी उपकरणों की समय-समय पर जांच और नियमित प्रशिक्षण आवश्यक है।”

ड्रिल से मिला आत्मविश्वास: जिला कलेक्टर
कलेक्टर नमित मेहता ने मॉक ड्रिल को सफल बताते हुए कहा, “सभी एजेंसियों ने उत्कृष्ट तालमेल के साथ समय पर प्रतिक्रिया दी है। भविष्य में इस तरह के और अभ्यास आयोजित होंगे, जिससे सभी इकाइयां किसी भी आपदा के लिए पूर्ण रूप से तैयार रहें।”
एसपी योगेश गोयल ने भी मॉक ड्रिल की सराहना करते हुए सभी सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों को सजग और सतर्क रहने का संदेश दिया।

‘भारत माता की जय’ से गूंजा परिसर
ड्रिल के समापन पर जवानों ने ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ माहौल को देशभक्ति से भर दिया। यह सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि यह संदेश था कि उदयपुर जिला प्रशासन किसी भी आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और सक्षम है।
उपस्थित अधिकारीगण
इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी, गोपाल स्वरूप मेवाड़ा सहित अनेक विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल ने प्रशासनिक सजगता और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को एक बार फिर प्रमाणित किया।
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