महाराणा प्रताप भारतीय संस्कृति-सनातन धर्म के पुरोधा थे, जिनकी यह सोच युगों-युगों तक प्रेरणा प्रदान करती रहेगी : डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़

उदयपुर। महाराणा प्रताप सेवा समिति के बैनर तले रविवार को इंदौर के फिनिक्स टाउनशिप, ग्रामपंचायत केलोद हॉला में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण समारोह हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और महाराणा प्रताप के वंशज डॉ. लक्ष्यराज सिंह थे।

डॉ. लक्ष्यराज सिंह की करकमलों से महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण हुआ तो लोगों ने महाराणा प्रताप के जय घोषों के साथ पुष्प वर्षा की। इस अवसर पर लक्ष्यराज सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती को भारतीय सनातन परंपरा के अनुसार प्रतिवर्ष विक्रम संवत के ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाएं, जो इस बार 9 जून को है। डॉ. मेवाड़ ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के पुरोधा थे, जिनकी यह सोच युगों-युगों तक प्रेरणा प्रदान करती रहेगी।

डॉ. मेवाड़ ने 1 मार्च को महाराणा प्रताप युवा संगठन राजोदा, देवास के बैनरतले वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। इससे पूर्व 25 फरवरी 2024 को देवास के खातेगांव में महाराणा प्रताप की चेतकारूड प्रतिमा, 11 फरवरी को कन्नौज, चित्तौड़गढ़ और 3 जनवरी 2024 को पोसीतरा, सिरोही में महाराणा प्रताप की चेतकारूड प्रतिमा का अनावरण किया था। डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ पिछले 14 माह में महाराणा प्रताप की 11 से अधिक चेतकारूड प्रतिमाओं का अपने हाथों से अनावरण कर चुके हैं।
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