
कानपुर। आयड़ नदी के उफान के साथ ही किसानों का दर्द छलक पड़ा है। खेत डूबने और पशुओं के चारे की समस्या ने ग्रामीणों को संकट में डाल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते उदयसागर तालाब का पानी नहीं निकाला, जिससे हालात और बिगड़ गए।
पूर्व उप सरपंच मदनलाल डांगी ने कहा कि नगर निगम और नगर विकास प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर तक नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल कारोबारियों के दबाव में आकर जल संसाधन विभाग ने समय पर तालाब की निकासी नहीं की। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बावजूद अफसरों ने चेतावनी को अनसुना किया।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय-समय पर तालाब को खाली किया जाता, तो नदी में इतना उफान नहीं आता और खेतों को नुकसान से बचाया जा सकता था।
डांगी ने जिला कलेक्टर और सरकार से मांग की है कि जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अफसरों को निलंबित किया जाए। साथ ही, किसानों को उचित मुआवजा और पशुओं के लिए सूखा चारा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस लापरवाही को लेकर जल्द ही जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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