शिक्षा के शिखर पर गिरजा : 12वीं कला वर्ग में 98.2% अंक हासिल कर उदयपुर संभाग में किया टॉप, श्री राम स्कूल में जश्न

उदयपुर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) द्वारा घोषित 12वीं बोर्ड के परिणामों में उदयपुर की बेटी गिरजा सुथार ने ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। शहर के प्रतिष्ठित श्री राम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आयड की मेधावी छात्रा गिरजा ने कला वर्ग (Arts Stream) में 98.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उदयपुर संभाग में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि ने न केवल गिरजा के परिवार, बल्कि पूरे जिले और विद्यालय प्रबंधन का नाम रोशन कर दिया है।

सम्मान और उल्लास : स्कूल से घर तक उत्सव

सफलता की सूचना मिलते ही विद्यालय और गिरजा के निवास पर उत्सव का माहौल हो गया। संस्था के संस्थापक सत्यनारायण चौधरी और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय चौधरी ने गिरजा को मिठाई खिलाकर और उपरना (साफा) पहनाकर उनका भव्य अभिनंदन किया। विद्यालय के व्यवस्थापक मनोहर चौधरी ने बताया कि गिरजा शुरू से ही अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्रा रही हैं, और उनकी यह सफलता विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए एक मिसाल पेश करेगी।

सफलता का मंत्र : नियमित अध्ययन और अटूट विश्वास

अपनी शानदार कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए गिरजा सुथार ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन (Regular Study) और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन को दिया। गिरजा ने विशेष रूप से अपने माता-पिता के अटूट विश्वास को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा दिखाए गए सही मार्ग और कड़ी मेहनत ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है।

कला वर्ग के प्रति बदलता नजरिया

गिरजा सुथार द्वारा 98.2% अंक हासिल करना यह दर्शाता है कि अब ‘मानविकी’ (Humanities) केवल औसत छात्रों का विकल्प नहीं रह गया है। इतने ऊंचे अंक यह साबित करते हैं कि यदि सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो कला वर्ग में भी विज्ञान (Science) के समान ही उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। यह उदयपुर संभाग के लिए एक शैक्षणिक क्रांति का संकेत है।

निजी शिक्षण संस्थानों की भूमिका

श्री राम सीनियर सेकेंडरी स्कूल जैसे संस्थानों द्वारा मेधावी छात्रों को दी जाने वाली व्यक्तिगत अटेंशन और एकेडमिक सपोर्ट यहाँ स्पष्ट रूप से परिणाम में तब्दील होता दिख रहा है। 98.2% का आंकड़ा छूना यह बताता है कि स्कूल के पाठ्यक्रम और मूल्यांकन की प्रक्रिया बोर्ड के मानकों के साथ पूरी तरह तालमेल में है।

महिला शिक्षा और स्थानीय प्रेरणा

दौसा और टोंक के बाद अब उदयपुर में भी बेटी का संभाग स्तर पर टॉप करना राजस्थान में महिला शिक्षा के सशक्तिकरण की पुख्ता गवाही देता है। गिरजा की यह सफलता उन हजारों ग्रामीण और शहरी छात्राओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं।

भविष्य की राह : गिरजा जैसी मेधावी छात्राओं के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण चरण ‘करियर काउंसलिंग’ है। प्रशासन और विद्यालय को चाहिए कि वे ऐसी प्रतिभाओं को दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए मार्गदर्शन प्रदान करें।

बोर्ड परीक्षाओं में अत्यधिक उच्च अंक प्राप्त करना सराहनीय है, लेकिन अब चुनौती इन अंकों को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UPSC या अन्य अकादमिक शोध) में सफलता के रूप में बदलने की है।

उदयपुर की इस होनहार बेटी गिरजा सुथार और उनके मार्गदर्शक श्री राम स्कूल परिवार को इस अभूतपूर्व सफलता पर हार्दिक बधाई

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