सोलर गांधी प्रो चेतन सिंह सोलंकी रहते अपनी सोलर बस में ही, ग्यारह वर्षों तक यही उनका घर
उदयपुर। हर व्यक्ति अपने दैनिक जीवन मे छोटे छोटे आसान उपायों से कार्बन उत्सर्जन कम कर जलवायु परिवर्तन की समस्या के समाधान का हिस्सा बन सकता है। व्यक्ति, संस्था, संगठन , उद्योग हर स्तर पर ऊर्जा खपत में कमी लाकर देश में ऊर्जा स्वराज लाया जा सकता है।
यह विचार बुधवार को विद्या भवन पोलिटेक्निक महाविद्यालय में सोलर गांधी, सोलर मेन ऑफ इंडिया के नाम से विख्यात प्रो चेतन सिंह सोलंकी ने युवा संवाद में व्यक्त किये।
पोलिटेक्निक प्राचार्य डॉ अनिल मेहता ने बताया कि
आई आई टी मुम्बई के प्रो चेतन अवकाश लेकर ग्यारह वर्षो की ऊर्जा स्वराज यात्रा पर है। वे करोड़ों लोगों को इस अभियान से जोड़ चुके है।
वे अभी तक पचपन हजार किलोमीटर की यात्रा कर चुके है। प्रो सोलंकी के ऊर्जा साक्षरता पाठ्यक्रम को नीति आयोग , ए आई सी टी ई, राज्य सरकारें सहित कई संस्थाएं, संगठन मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। वे मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा एम्बेसेडर भी है। प्रो सोलंकी की बस ही उनका घर है । इस बस में उनका शयन कक्ष, अध्ययन कक्ष , पुस्तकालय व रसोई सभी है। वर्ष 2030 तक वे इसी बस में रहते हुए ऊर्जा स्वराज को देश के घर घर तक ले जाएंगे।
पोलिटेक्निक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग संकाय के विभागाध्यक्ष प्रकाश सुन्दरम ने जानकारी दी कि
प्रो सोलंकी गुरुवार 28 मार्च को राजस्थान विद्यापीठ में संवाद करेंगे।
शुक्रवार 29 मार्च को प्रो सोलंकी सुबह 11 बजे से 1 बजे तक विद्या भवन पोलिटेक्निक में मीडिया कर्मियों, पर्यावरण प्रेमी नागरिकों, संस्थाओं से बातचीत करेंगे।
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