श्री सुंदर सिंह भंडारी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा 445 प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान-बेटियों ने रचा का इतिहास : शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव – राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया

फोटो : कमल कुमावत2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधों पर – मंत्री झाबर सिंह खर्राउदयपुर | “जब तक शिक्षा सशक्त नहीं होगी, तब तक राष्ट्र सशक्त नहीं बन सकता।”
इन्हीं भावों के साथ गुरुवार को उदयपुर के सुखाड़िया रंगमंच पर ज्ञान, संस्कार और सम्मान का भव्य संगम देखने को मिला। श्री सुंदर सिंह भंडारी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस गरिमामयी समारोह में जिले के 445 प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने भावुक शब्दों में कहा कि देश का भविष्य विद्यालयों की कक्षाओं में गढ़ा जाता है। शिक्षा केवल रोजगार नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक इतिहास को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, जिससे हमारी युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से दूर होती चली गई। अब समय है कि हम हाड़ी रानी, पन्नाधाय जैसे चरित्रों से युवाओं को जोड़ें।उन्होंने कहा कि पिछले 13 वर्षों से निरंतर विद्यार्थियों को सम्मानित करने का उद्देश्य यही है कि देश की प्रतिभा को पहचान मिले और समाज उन्हें आगे बढ़ने का संबल दे। “जब युवा अपने माता-पिता, समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाने लगते हैं, तभी सच्चा राष्ट्र निर्माण होता है।”राज्यपाल ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी एवं सुंदर सिंह भंडारी को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता विचारों के लिए जीता है, लाभ के लिए नहीं। यही भावना आज देश को आगे बढ़ा रही है।विधायकों-सांसदों से भावुक अपीलराज्यपाल कटारिया ने जिले के सभी विधायक व सांसदों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र के उत्कृष्ट विद्यार्थियों के विद्यालयों को प्रति विद्यार्थी 30 हजार रुपये की सहायता प्रदान करें, ताकि संसाधनों के अभाव में कोई प्रतिभा पीछे न रह जाए।युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी हमारा कर्तव्यउन्होंने कहा कि देश का भविष्य आज के युवा हैं। यदि किसी विद्यार्थी की पारिवारिक स्थिति उसकी उड़ान में बाधा बनती है, तो समाज का दायित्व है कि वह उसका सहारा बने।खेलों से संस्कार, समरसता और आत्मविश्वासराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए खेलो इंडिया अभियान ने युवाओं को सकारात्मक दिशा दी है। खेल न जाति देखता है, न भेदभाव — वह केवल प्रतिभा और परिश्रम को पहचानता है।2047 का विकसित भारत युवाओं के संकल्प से बनेगा – झाबर सिंह खर्रामुख्य वक्ता एवं राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि कभी भारत विश्वगुरु था, लेकिन मैकाले की शिक्षा नीति ने हमें अपनी जड़ों से दूर कर दिया। अब समय है कि युवा अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लें और राष्ट्र निर्माण में स्वयं को समर्पित करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि 2047 तक भारत एक आत्मनिर्भर, सशक्त और विश्व नेतृत्वकर्ता राष्ट्र बने — और यह सपना युवाओं के बिना अधूरा है।445 होनहारों का सम्मान, बेटियों का रहा वर्चस्वसमारोह में 10वीं व 12वीं बोर्ड में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 445 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।विशेष उपलब्धि प्राप्त करने वालों में 99% अंक लाने वाली जया जगतपति सोनी, 97.4% हर्षिता मोजावत, 96.6% नीरज कुंवर झाला, 95% कुंजन गहलोत शामिल रहीं।
इस वर्ष उत्कृष्ट परिणामों में 70 प्रतिशत भागीदारी बालिकाओं की रही, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।गरिमामयी उपस्थितिसमारोह में उद्योगपति जी.एस. पोद्दार, जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, विधायक ताराचंद जैन, सांसद मन्नालाल रावत, विधायक फूलसिंह मीणा, प्रताप गमेती, शांता मीणा, उदयलाल डांगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, सुंदर सिंह भंडारी एवं अटल बिहारी वाजपेयी के चित्रों पर पुष्पांजलि व दीप प्रज्वलन से हुआ।
स्वागत भाषण ट्रस्ट अध्यक्ष ताराचंद जैन ने दिया।कार्यक्रम का संचालन आलोक पगारिया ने किया एवं आभार महामंत्री प्रो. उमाशंकर शर्मा ने व्यक्त किया। कोषाध्यक्ष कुंतीलाल जैन ने बताया कि इस अवसर पर कमल प्रकाश बाबेल, उनकी टीम, आलोक पगारिया एवं भामाशाह उद्योगपति राजेन्द्र नलवाया का विशेष सम्मान किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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