
एसीबी इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर की कार्रवाई; परिवादी की फैक्ट्री से पकड़ा गया दलाल ‘टाटला’
नगर निगम के 272 भूखंड प्रकरण में राहत दिलाने और दस्तावेज लौटाने के बदले मांगी थी घूस
बरामद 2 करोड़ में 4 लाख रुपये असली भारतीय मुद्रा, शेष डमी करेंसी
एडिशनल एसपी और दलाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व बीएनएस के तहत मामला दर्ज
जयपुर/उदयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) राजस्थान की इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को 2 करोड़ रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वहीं, प्रकरण में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी को उनके गृह जिले बालोतरा स्थित निवास से डिटेन (हिरासत में) किया गया है।
प्रकरण का विवरण: 272 भूखंड घोटाले में मांगी थी घूस
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, एसीबी इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर को एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि:
उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों के बहुचर्चित प्रकरण (संख्या 97/2022) में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को दर्ज मुकदमों में राहत दिलाने, अन्य मामलों में नामजद न करने और तलाशी के दौरान बरामद गैर-जब्तशुदा दस्तावेज वापस लौटाने की एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
यह राशि एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी द्वारा दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला के माध्यम से 2 करोड़ रुपये मांगी गई थी।
ट्रैप की कार्रवाई और बरामदगी
एसीबी द्वारा शिकायत और रिश्वत की मांग का गोपनीय व तकनीकी सत्यापन कराया गया, जिसमें घूस मांगे जाने की पुष्टि हुई।
सत्यापन के बाद शनिवार, 26 सितंबर 2026 को एसीबी टीम ने ट्रैप का जाल बिछाया:
आरोपी सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को परिवादी की फैक्ट्री से 2 करोड़ रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
एसीबी टीम द्वारा मौके से बरामद 2 करोड़ रुपये में 4 लाख रुपये की असली भारतीय चलन मुद्रा शामिल थी, जबकि शेष राशि डमी करेंसी के रूप में प्रयुक्त की गई थी।
इसके तत्काल बाद एसओजी एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी को बालोतरा स्थित उनके आवास से हिरासत में ले लिया गया।
जांच और कानूनी कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई एसीबी उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपालस्वरूप मेवाड़ा के निर्देशन और इंटेलिजेंस यूनिट उदयपुर की पुलिस उप अधीक्षक डॉ. सोनू शेखावत के नेतृत्व में की गई।
एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में दोनों आरोपियों से पूछताछ और अग्रिम जांच जारी है। मामले में आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 1988) की धारा 7, 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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