
उदयपुर के सुखेर क्षेत्र में गुरुवार की रात अंधेरे के साए के साथ एक ऐसी दिल दहलाने वाली घटना घटी, जिसने पांच परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। अंबेरी की सड़कों पर तेज रफ्तार और रॉन्ग साइड के एक पल के फैसले ने पांच युवकों को मौत के आगोश में धकेल दिया।
देलवाड़ा के हिम्मत खटीक (32), बेदला के पंकज नगारची (24), खारोल कॉलोनी के गोपाल नगारची (27), और सीसारमा के गौरव जीनगर (23) जैसे युवा अपनी-अपनी कहानियों, सपनों और हंसी-खुशी के साथ एक कार में सवार थे। किसी ने नहीं सोचा होगा कि उनका यह सफर आखिरी सफर बन जाएगा।
अंबेरी की ढलान पर, रात के करीब 12 बजे, अंधेरे में एक डंपर और एक कार के बीच आमने-सामने की टक्कर ने सब कुछ खत्म कर दिया। डंपर तेज रफ्तार में था, और कार रॉन्ग साइड में। ड्राइवर ने बचाने की कोशिश की, लेकिन उस क्षण में नियति शायद पहले ही फैसला कर चुकी थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा लोहे की कब्र बन गया, और उसमें सवार पांचों युवाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
जब पुलिस ने परिजनों को यह कड़वी खबर दी, तो हर घर में मातम पसर गया। किसी की मां अपने इकलौते बेटे को खोजती रही, तो किसी पिता ने बेटे के सपनों का चकनाचूर होते देखा। हिम्मत खटीक, जो परिवार का सहारा थे, अब एक खाली तस्वीर बन गए। पंकज और गोपाल, जिनके दोस्तों ने उन्हें हंसते हुए विदा किया था, अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। गौरव, जिसने अपनी बहन से वादा किया था कि वह जल्द घर लौटेगा, अब केवल यादों में है।
हादसे के बाद जब पुलिस पहुंची, तो वहां का मंजर दर्द से भर देने वाला था। हर तरफ चीखों और खून के निशान थे। कार की हालत देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था कि उसमें इंसान सवार थे।
एक सबक, जो हर किसी को याद रहना चाहिए
यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सीख है। तेज रफ्तार और रॉन्ग साइड की लापरवाही ने पांच जिंदगियों को छीन लिया। यह हादसा हम सबको चेतावनी देता है कि सड़क पर एक छोटी सी भूल कितना बड़ा दुख दे सकती है।
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