फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गुरुवार को उदयपुर आगमन केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि भाजपा की अंदरूनी राजनीति में नई हलचल का संकेत बन गया। राजे ने समोरबाग पैलेस पहुंचकर उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व सांसद महेंद्र सिंह मेवाड़ को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान वे उनके परिवार से मिलीं और उनके योगदान को याद करते हुए संवेदना व्यक्त की।
महेंद्र सिंह मेवाड़ को श्रद्धांजलि और राजनीतिक समीकरण

समोरबाग पैलेस में महेंद्र सिंह मेवाड़ को श्रद्धांजलि अर्पित करना राजे के राजनीतिक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। मेवाड़ राजपरिवार का भाजपा के साथ पुराना संबंध रहा है, और इस यात्रा के जरिए राजे ने पार्टी के मजबूत स्तंभों को सम्मान देने का संदेश दिया। उन्होंने नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ और राजसमंद सांसद महिमा कुमारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर उनकी चिंता साझा की।
स्थानीय नेताओं से मुलाकात : सियासी नब्ज टटोलने की कवायद

डबोक के पास एक रिसॉर्ट में राजे ने भाजपा नेताओं के साथ बैठक की। सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना उनकी वरिष्ठ नेता और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मांगीलाल जोशी के साथ 15 मिनट की एकांत वार्ता। यह बातचीत केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों और संभावित चुनावी समीकरणों की तैयारी मानी जा रही है।
राजे की यात्रा में शामिल नेता : नई चालें और पुराने रिश्ते

राजे के साथ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत और वल्लभनगर के पूर्व विधायक रणधीर सिंह भींडर की मौजूदगी ने यह स्पष्ट किया कि राजे अब भी अपने पुराने सहयोगियों के साथ जुड़ी हुई हैं। उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, भाजपा शहर अध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली, और अन्य नेताओं की उपस्थिति ने उनके प्रति पार्टी में गहराते भरोसे को दर्शाया।
राजे का संदेश : सियासी गढ़ मजबूत करने की कवायद

वसुंधरा राजे का उदयपुर दौरा पार्टी के भीतर उनके बढ़ते प्रभाव को फिर से स्थापित करने का प्रयास है। उनके इस दौरे को केवल श्रद्धांजलि अर्पण तक सीमित न मानते हुए इसे भाजपा के आगामी चुनावी समीकरणों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। राजे ने न केवल अपने पुराने संबंधों को निभाया, बल्कि पार्टी के भीतर अपने समर्थन को और मजबूत करने का संदेश दिया।
राजे का यह दौरा उदयपुर की राजनीति में सिर्फ एक शिष्टाचार यात्रा नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर नेतृत्व और गठजोड़ की नई संभावनाओं का दरवाजा खोलता नजर आ रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह यात्रा पार्टी के आगामी समीकरणों में क्या नया रंग भरती है।











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