जीत का जश्न हो, पर हार का मलाल नहीं रखें : श्रीमाली
जिला स्तरीय राजीव गांधी शहरी व ग्रामीण ओलम्पिक खेल का शुभारंभ
Photo : kamal kumawat

उदयपुर। मुख्यमंत्री बजट घोषणा की अनुपालना में आयोजित हो रहे राजीव गांधी शहरी और ग्रामीण ओलम्पिक खेल की जिला स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार को गांधी ग्राउण्ड में खिलाड़ियों के अपार उत्साह के बीच हुआ। ग्राम पंचायत, वार्ड, सेक्टर और ब्लॉक स्तरीय स्पर्धाओं में अपने खेल कौशल का लोहा मनवाकर जिला स्तर तक पहुंचे खिलाड़ियों को जोश देखते ही बन रहा था।

उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि श्रम सलाहकार बोर्ड के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) जगदीशराज श्रीमाली तथा अति विशिष्ट अतिथि संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट रहे। अध्यक्षता जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल ने की। विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, वल्लभनगर विधायक प्रीति गजेंद्र शक्तावत, समाजसेवी फतहसिंह राठौड़, कचरूलाल चौधरी, महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति संयोजक पंकज शर्मा रहे।

प्रारंभ में मुख्य नोडल अधिकारी व सीईओ जिला परिषद सलोनी खेमका, नोडल अधिकारी शकील हुसैन, सीडीईओ आशा मण्डावत, जिला खेल अधिकारी अजीत जैन, जिला क्रीड़ा परिषद के उपाध्यक्ष रोहित पालीवाल आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि श्रीमाली सहित अन्य ने ध्वजारोहण कर मार्च पास्ट की सलामी ली। जिला कलक्टर पोसवाल ने जिला स्तरीय राजीव गांधी ओलम्पिक खेलों के उद्घाटन की घोषणा की। विधायक शक्तावत ने खिलाड़ियों को शपथ ग्रहण कराई।

मुख्य अतिथि श्रीमाली ने खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की मंशा राजस्थान को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने की है। खेलों से शारीरिक के साथ-साथ मानसिक विकास भी होता है। इसलिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हर व्यक्ति को स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए खेलों से जोड़ने का भगीरथ प्रयास किया, जिसमें आशा से अधिक सफलता भी मिली है।


उन्होंने कहा कि खेल में हार-जीत रहती है। जीत का जश्न होना चाहिए, लेकिन हार का मलाल नहीं रखते हुए और बेहतर तैयारी में जुटना चाहिए। मेवाड़ का इतिहास इसका सबसे प्रबल उदाहरण है, जहां महाराणा प्रताप ने हार के बावजूद हार नहीं मानी और मेवाड़ का गौरव बढ़ाया।
मंचीय कार्यक्रम के पश्चात अतिथियों ने बॉस्केटबॉल कोट में पहुंच कर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया तथा बॉल उछाल कर प्रतियोगिता का आगाज किया।



कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष, सहायक निदेशक सीडीईओ कार्यालय डॉ दिनेश बंसल, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, समाजसेवी गोपालकृष्ण शर्मा, पार्षद अरूण टांक, हिदायत्तुला, सोमेश्वर मीणा, विजय मेनारिया, भैरोसिंह राठौड़, शैलसिंह, शशिकला, मुकेश पुजारी, मुरलीधर सहित बड़ी संख्या में खेल व शिक्षा विभाग के अधिकारी-कार्मिक, खेल प्रशिक्षक, शारीरिक शिक्षक, खिलाड़ी मौजूद रहे।






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