
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में चार साल के मासूम की हत्या का मामला अब एक रहस्यमयी पहेली बनता जा रहा है। इस केस में आरोपी 12 साल की नाबालिग लड़की बार-बार अपना बयान बदल रही है, जिससे पुलिस की जांच उलझती जा रही है।
50 घंटे की पूछताछ, फिर भी कोई ठोस सुराग नहीं
पुलिस ने बीते 50 घंटे में इस नाबालिग से कई बार पूछताछ की, जिसमें आईपीएस, डीएसपी, सीएसपी और टीआई के साथ महिला काउंसलर भी शामिल थीं। लेकिन हर बार लड़की की कहानी बदलती रही, जिससे पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई।
परिवार के किसी सदस्य की भूमिका पर संदेह
पुलिस को शक है कि आरोपी के परिवार के कुछ सदस्यों को इस वारदात की जानकारी हो सकती है। हालांकि, इस बारे में अब तक कोई पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगे हैं।
कोर्ट का आदेश: बाल सुधार गृह भेजी गई आरोपी
फिलहाल, कोर्ट ने 12 साल की इस नाबालिग को विदिशा बालिका सुधार गृह भेजने का आदेश दिया है। पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।
क्या ‘दृश्यम’ जैसी है ये कहानी?
इस मामले में लगातार बदलते बयान और पुलिस की उलझनें फिल्म ‘दृश्यम’ की कहानी की याद दिलाती हैं, जहां एक अपराध के पीछे सच्चाई को छिपाने के लिए बार-बार कहानियां गढ़ी जाती हैं। हालांकि, इस केस की असलियत क्या है, यह पुलिस की आगे की जांच से ही साफ हो सकेगा।
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