
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होने के लिए करीब 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में जुट चुके हैं। सुबह के वक्त कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने और तोड़ने की घटनाओं के बाद अब मौके पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मार्च के लिए प्रदर्शनकारियों को कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है।
रात से सुबह तक का घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था
जंतर-मंतर पर रविवार रात से ही प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए:
सुरक्षा बलों की तैनाती: भीड़ को देखते हुए रात 12 बजे से ही रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और दिल्ली पुलिस के जवानों को भारी संख्या में तैनात कर दिया गया।
3 लेयर बैरिकेडिंग: पुलिस ने जंतर-मंतर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर करीब 7-7 फीट ऊंचे 3 लेयर के बैरिकेड्स लगाए थे।
बैरिकेडिंग पर टकराव: तड़के सुबह करीब 5:15 बजे प्रदर्शनकारियों ने इन बैरिकेड्स को रास्ते से हटा दिया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संवेदनशील स्थानों पर दोबारा बैरिकेड्स लगा दिए हैं। फिलहाल CJP के मंच से शांतिपूर्ण प्रदर्शन बनाए रखने की अपील की जा रही है।
अस्पताल से सोनम वांगचुक का बड़ा बयान: अनशन तोड़ने की 3 शर्तें
पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को पुलिस ने जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया है कि उन्हें अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है और उनकी अभिव्यक्ति व आवाजाही की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी गई है।
वांगचुक ने घोषणा की है कि वे निम्नलिखित तीन शर्तों में से किसी एक के पूरे होने पर ही अपना अनशन समाप्त करेंगे:
सरकार जिम्मेदारी ले: केंद्र सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे।
संसद में मिले आश्वासन: CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने की अनुमति दी जाए, जहां विभिन्न पार्टियों के सांसद उन्हें इस मुद्दे को सदन में उठाने का भरोसा दें।
अस्पताल में मुलाकात: यदि स्वास्थ्य कारणों से वे संसद नहीं जा पाते हैं, तो विभिन्न दलों के सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर उन्हें यह आश्वासन प्रदान करें।
इस बड़े प्रदर्शन और संसद मार्च की घोषणा के बाद पूरी नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद चाक-चौबंद कर दिया गया है और खुफिया एजेंसियां भी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
(Visited 56 times, 1 visits today)
About Author
You may also like
परदे के पीछे: चकाचौंध के बाज़ार में जिस्म, जेवर और जिंदगी की जद्दोजहद
मायानगरी में बेख़ौफ़ गोलियां : टाइगर श्रॉफ पर फ़ायरिंग सिर्फ़ एक हमला नहीं, मुंबई की टूटती रीढ़ का प्रमाण है
ग्वालियर-ट्रक ने 45 श्रद्धालुओं को कुचला, 13 मौतें : जहां जलनी थीं मन्नतों की ज्योत, वहां बिछ गईं 13 श्रद्धालुओं की लाशें
ग्रेटर नोएडा में दिल दहला देने वाली वारदात: एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध हालात में मौत; पति-पत्नी और 3 मासूम बच्चों ने तोड़ा दम, रात में नूडल्स खाने की बात आई सामने
‘खाटू वाले’ के दर्शन से पहले ही उजड़ गए हंसते-खेलते परिवार : कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पुल से गिरी बस, 8 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, पल भर में मातम में बदली खुशियां
