अपनों को बाहों में भींचे बिलख रहे लोग,
“शाम की चाय, त्योहार की खुशियाँ और अपनों का साथ… सब कुछ पलक झपकते ही मलबे के ढेर में बदल गया। आँखों के सामने घर ढह गए और पीछे छोड़ गए चीखें, सन्नाटा और अपनों को खोने का कभी न खत्म होने वाला दर्द।”
कराकस। बुधवार की वह ढलती हुई शाम वेनेजुएला के इतिहास में एक ऐसा काला पन्ना लिख जाएगी, जिसके गहरे जख्म सदियों तक नहीं भरेंगे। देश में राष्ट्रीय अवकाश का माहौल था, लोग त्योहार की खुशियों में अपने परिवारों के साथ घरों में मौजूद थे। लेकिन शाम ठीक 6:04 बजे प्रकृति ने ऐसा वीभत्स रूप दिखाया कि हंसते-खेलते आशियाने चीख-पुकार के समंदर में डूब गए।
एक मिनट से भी कम (महज 39 सेकंड) के अंतराल पर आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बैक-टू-बैत महाविनाशकारी भूकंपों ने पूरे वेनेजुएला को हिलाकर रख दिया। धरती ऐसी डोली कि गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गईं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने रूंधे गले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पूरे देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है।
“मलबे के नीचे से आ रही हैं मदद की पुकारें, आँखों के सामने टूट रही हैं सांसें”
राजधानी कराकस सहित देश के उत्तरी तटीय क्षेत्रों में तबाही का मंजर ऐसा है जिसे देख कलेजा कांप उठे। पालोस ग्रांदेस और अल्तामीरा जैसे हंसते-खेलते इलाकों में इमारतें मलबे के पहाड़ में तब्दील हो चुकी हैं।
अपनों की तलाश: कंक्रीट के भारी-भरकम लेंटरों और पत्थरों के नीचे दबे लोग जिंदगी की आखिरी आस में मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं। राहतकर्मी और बेबस परिजन अपने हाथों से पत्थर हटाकर अपनों को ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
सड़कों पर सिसकियां: बिजली गुल है, चारों तरफ घुप्प अंधेरा है और सड़कों पर हजारों लोग अपनों को सीने से लगाए, भाई-बहनों और रोते हुए पालतू जानवरों को बाहों में भींचे आसमां तले बिलख रहे हैं।
10 हजार से ज्यादा मौतों का खौफ: यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) का अनुमान रूह कंपा देने वाला है। आंकड़ों के मुताबिक, इस बात की 44% आशंका है कि इस मलबे के नीचे 10,000 से ज्यादा बेकसूर जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो चुकी हैं।

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मचा हाहाकार, धूल के गुबार में खो गई खुशियां
भूकंप के समय देश का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यात्रियों से गुलजार था। अचानक आए तेज झटकों से हवाई अड्डे की छतें भरभरा कर गिरने लगीं। सामने आए शुरुआती वीडियोज में बेबस लोग अपनी जान बचाने के लिए गलियारों में बदहवास भागते दिखे, जबकि छतों से गिरता धूल का विशाल गुबार पूरी तरह से चीखों के शोर में तब्दील हो गया। गंभीर नुकसान के चलते हवाई अड्डे को तुरंत बंद कर दिया गया है, जिससे देश का बाहरी दुनिया से संपर्क भी टूट सा गया है।
“खामोश हैं शब्द, सिर्फ बह रहे हैं आंसू” — राष्ट्रपति की भावुक संवेदना
अंतरिम रूप से देश का नेतृत्व कर रही कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ जब देश को संबोधित करने आईं, तो उनके चेहरे पर लाचारी और आंखों में गहरा दर्द साफ झलक रहा था। उनके साथ मौजूद उनके भाई जॉर्ज रॉड्रिगेज़ और गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो भी इस त्रासदी से स्तब्ध थे।
राष्ट्रपति ने उन अभागे लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस जलजले में अपने बच्चों, माता-पिता और जीवनसाथियों को हमेशा के लिए खो दिया है। हालांकि, वह इस कदर भावुक थीं कि मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा बताने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं। राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाने के लिए सेना के एक जनरल को कमान सौंपी गई है।

आफ्टरशॉक्स का डर: कोलंबिया तक सहम गए लोग
गृह मंत्री ने भारी मन से बताया कि भूकंप के झटके इतने भयावह थे कि त्रूजिलो, याराकुई, काराबोबो, अरागुआ और मिरांडा समेत देश का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में है। इसके झटके पड़ोसी देश कोलंबिया की राजधानी बोगोटा तक महसूस किए गए।
मुख्य भूकंप के बाद अब तक 20 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) आ चुके हैं, जिसके डर से कड़कड़ाती ठंड और डर के साए में हजारों लोग अपने आशियाने खाली कर सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं। वेनेजुएला इस वक्त मलबे के ढेर पर बैठा सिसक रहा है और दुनिया उसकी सलामती की दुआ कर रही है।
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