जकार्ता/नई दिल्ली।
इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने इस्ताना मरदेका (राष्ट्रपति प्रासाद) में बड़ी गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। जनवरी 2025 में भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के बाद दोनों शीर्ष नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और डिजिटल तकनीक सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौतों का आदान-प्रदान किया गया।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा और आईओएन (ION) का शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के बीच सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर पर औपचारिक बातचीत संपन्न हुई।
द्विपक्षीय समीक्षा: दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा-सुरक्षा, समुद्री सहयोग, डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज, संस्कृति तथा पर्यटन सहित व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सभी प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की।
इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION): इस वार्ता के दौरान दोनों देशों के डिजिटल संबंधों को नया आयाम देते हुए भारत के ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ (ONDC) पर आधारित “इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क” (ION) के आधिकारिक शुभारंभ का स्वागत किया गया।
टैगोर-देवांतारा सांस्कृतिक वर्ष: गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया यात्रा के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि दोनों देश संयुक्त रूप से साल 2027 को “टैगोर-देवांतारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष” के रूप में मनाएंगे।
वैश्विक मुद्दों पर चर्चा: ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए भारत को मिला समर्थन
दोनों राजनेताओं ने आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने पर चर्चा की।
इसके साथ ही, स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई, जहाँ प्रधानमंत्री ने भारत के ‘महासागर दृष्टिकोण’ (संपूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) पर बल दिया। एक बड़े कूटनीतिक सहयोग के तहत राष्ट्रपति प्राबोवो ने 2026 में ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता के सिलसिले में भारत को इंडोनेशिया के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है।
रक्षा, अंतरिक्ष और चिकित्सा सहित कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर
उच्च स्तरीय वार्ता के बाद दोनों नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में रक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिज, दूरसंचार, कृषि, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, इस्पात आपूर्ति श्रृंखला, आपदा प्रबंधन, और स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त, योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल ‘प्रंबानन मंदिर परिसर’ के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए भारत के समर्थन पर एक विशेष आशय पत्र का भी आदान-प्रदान किया गया। वार्ता के समापन पर राष्ट्रपति प्राबोवो ने प्रधानमंत्री के सम्मान में एक राजकीय प्रीतिभोज का आयोजन किया, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने उनका आभार व्यक्त करते हुए उन्हें पुनः भारत आने का निमंत्रण दिया।
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