
तेहरान/वाशिंगटन | अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष एक बेहद जटिल मोड़ पर पहुँच गया है। राजनयिक प्रयासों के बावजूद शांति की उम्मीदें धुंधली पड़ती नजर आ रही हैं। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह “धमकियों की छाया” में कोई बातचीत नहीं करेगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी बंदरगाहों की आर्थिक घेराबंदी (Blockade) जारी रखने का ऐलान किया है।
ट्रम्प का सख्त रुख और मीडिया पर हमला
राष्ट्रपति ट्रम्प ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब तक ईरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता, तब तक उसके बंदरगाहों पर लगी पाबंदी नहीं हटाई जाएगी। ट्रम्प ने अमेरिकी मीडिया की भी आलोचना की और दावा किया कि पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया गया ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ पूरी तरह सफल रहा था। उन्होंने कहा, “हम युद्ध जीत रहे हैं, लेकिन फेक न्यूज मीडिया इसे अलग तरह से दिखा रहा है।”
बातचीत में मुख्य अड़चनें
अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी संभावित समझौते में ये 5 बिंदु सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं:
परमाणु कार्यक्रम : अमेरिका पूर्ण रोक चाहता है, जबकि ईरान इसे सीमित समय के लिए ही मानने को तैयार है।
यूरेनियम भंडार : ट्रम्प 400 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम को अमेरिकी कब्जे में चाहते हैं, जिसे तेहरान ने खारिज कर दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य : ईरान का कहना है कि जब तक बंदरगाहों से घेराबंदी नहीं हटती, वह जलमार्ग पर प्रतिबंध जारी रखेगा।
फ्रीज संपत्तियां : ईरान अपनी 20 अरब डॉलर की संपत्ति को अनफ्रीज करने और प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा है।
युद्ध का हर्जाना : ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों से हुए नुकसान के लिए 270 अरब डॉलर के मुआवजे की मांग की है।
लेबनान में तबाही और इजरायली हमले
युद्ध की आग लेबनान तक फैल चुकी है। पूर्वी बेका घाटी में इजरायली हवाई हमलों ने भारी तबाही मचाई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, खाली कराए गए घरों को निशाना बनाया गया है, जिससे कई रिहायशी इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं। इजरायल का कहना है कि वह हिजबुल्ला को निशस्त्र करने के लिए दबाव बना रहा है, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि इन शर्तों से लेबनान में गृहयुद्ध छिड़ सकता है।
वैश्विक प्रभाव: ब्राजील में बढ़ी गैस की कीमतें
ईरान युद्ध का असर सात समंदर पार दक्षिण अमेरिका में भी दिख रहा है। वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण ब्राजील में कुकिंग गैस के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम जनता त्रस्त है। राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सब्सिडी और टैक्स कटौती की घोषणा की है।
शेयर बाजार में हलचल
एशियाई बाजारों में निवेशकों के बीच उम्मीद और आशंका का माहौल है। शांति वार्ता की खबरों के बीच दक्षिण कोरिया का ‘कोस्पी’ (Kospi) 2% और जापान का ‘निक्केई’ 1% से अधिक चढ़ा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल फिलहाल 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
About Author
You may also like
उदयपुर की बेकरिया थाना पुलिस की काबिले तारीफ कार्रवाई : स्टंटबाजों पर कसा शिकंजा, 8 पावर बाइक समेत 20 मोटरसाइकिलें जब्त, पूरे प्रदेश में चले ऑपरेशन स्टंटबाज बाइकर्स
केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे और धरना खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में क्या कहा-यहां पढ़िए
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा—मोदी सरकार की रणनीति में बड़ा बदलाव या मजबूरी? पढ़ें 5 बड़े कारण
उदयपुर के मौलाना फैजान रज़ा का मिस्र की प्रसिद्ध जामे अल-अज़हर यूनिवर्सिटी में चयन; पलटन मस्जिद में हुआ भव्य इस्तक़बाल
हिंदुस्तान जिंक का पहली तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन : शुद्ध लाभ 145 प्रतिशत बढ़कर 5,469 करोड़ हुआ
