मुंबई के लालबाग से उदयपुर तक : मेवाड़ में गूंजा ‘उदयपुर चा राजा’ का जलवा

फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। मुंबई का लालबाग चा राजा देशभर में गणेशोत्सव की भव्यता और अनोखे आयोजनों के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन इस बार मेवाड़ की धरती पर भी वैसा ही नजारा देखने को मिला। बापू बाजार स्थित स्वास्तिक विनायक गणपति मित्र मंडल द्वारा स्थापित “उदयपुर चा राजा” ने अपने अद्वितीय आयोजन से सबको चौंका दिया।

एक करोड़ इक्यावन लाख की आंगी – मेवाड़ का रिकॉर्ड

मुंबई में जहां लालबाग चा राजा पर करोड़ों की आंगियां चढ़ती रही हैं, वहीं उदयपुर में इस बार गणपति को ₹1 करोड़ 51 लाख की भव्य आंगी अर्पित की गई। खास बात यह रही कि यह आंगी पूरी तरह ₹50, ₹100, ₹200 और ₹500 के नोटों से बनाई गई।

इसके लिए मुंबई से आठ कारीगरों की टीम बुलाई गई, जिसने लगातार चार दिन तक मेहनत कर पूरी आंगी तैयार की। इसमें गणपति की प्रतिमा के साथ पूरा मंदिर भी नोटों की जगमगाहट में लिपटा नजर आया।

भक्तों की भीड़ और चकाचौंध

लालबाग की तर्ज पर, उदयपुर चा राजा के दर्शन के लिए भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। आयोजकों के अनुसार, करीब 10–12 हजार श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई, वहीं बप्पा को छप्पन भोग भी अर्पित किया गया।

सुरक्षा और व्यवस्था के लिए 10 बाउंसर तैनात किए गए, ताकि श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकें।

लालबाग जैसे भव्य विसर्जन की तैयारी

जैसे मुंबई का लालबाग चा राजा पूरे महाराष्ट्र में अपने भव्य विसर्जन जुलूस के लिए मशहूर है, उसी तरह उदयपुर चा राजा का भी विसर्जन किसी उत्सव से कम नहीं होगा। शोभायात्रा में अलग-अलग झांकियां, आतिशबाजी और पुष्पवर्षा होगी। इसके लिए महाराष्ट्र से 35 ढोल-ताशा कलाकारों की टीम बुलाई गई है, जो भगवापथक शैली में ताल बिखेरेंगे।

मंडल की मेहनत

इस पूरे आयोजन की कमान मंडल अध्यक्ष वैभव अग्रवाल ने संभाली, जिनके साथ संदीप मंगरोरा, जय कुरड़िया, मनीष बंदवाल, रौनक कनोजिया, मोहित बंदवाल, आकाश कंठालिया और अन्य कार्यकर्ता जुड़े रहे। आंगी की राशि मंडल के लगभग तीस कार्यकर्ताओं ने मिलकर एकत्रित की थी, जिसे बाद में लौटा दिया जाएगा।

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