ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में हमेशा की तरह बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सबसे आगे भगवान बलभद्र का रथ तालध्वज है। उनके पीछे देवी सुभद्रा का रथ दर्पदलन चल रहा है। आखिर में भगवान जगन्नाथ का रथ है, जिसे नंदीघोष या गरुड़ध्वज के नाम से जाना जाता है। रथ यात्रा में लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए हैं।
भगवान बलभद्र, सुभद्रा और जगन्नाथ के रथ करीब ढाई से तीन किमी दूर गुंडिचा मंदिर तक जाती है। यात्रा में शामिल लोग रस्सियों के जरिए इन रथों को खींचते हैं। गुंडिचा मंदिर को भगवान की मौसी का घर माना जाता है।
इसीलिए रथ यात्रा को गुंडिचा जात्रा भी कहते हैं। देश में उदयपुर, अहमदाबाद समेत कई शहरों में भगवान जगन्नाथ यात्रा निकाली जा रही है।





About Author
You may also like
सादगी की मिसाल : उदयपुर पहुंचे पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, PM की अपील पर 14 की जगह सिर्फ 4 गाड़ियों के काफिले में चले
बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती : उदयपुर संभाग से 8 हजार लोग दिल्ली रवाना, लाल किला मैदान में जुटेगा देश का जनजातीय समाज
1500 वर्षों के शौर्य, स्वाभिमान और जीवंत विरासत का प्रामाणिक दस्तावेज़ — महाराणा
उदयपुर में छिपकर रह रहा था शातिर ठग : AI से फर्जी ID बना मैट्रिमोनियल साइट्स पर महिलाओं को ठगने वाला अहमदाबाद से गिरफ्तार
राजस्थान राज्यसभा चुनाव : मेवाड़ के कद्दावर नेता डॉ. सीपी जोशी रेस में सबसे आगे, बिना लॉबिंग आलाकमान की बने पहली पसंद, खोड़निया भी दौड़ में शामिल
