
बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा राज खोला, जिसे जानकर उनके फैंस चौंक गए। उन्होंने बताया कि वह एंजाइटी (Anxiety) और एडीएचडी (Attention Deficit Hyperactivity Disorder) जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। हालांकि, उन्होंने दवाइयों का सहारा नहीं लिया और खुद को मैनेज करने के लिए अलग रास्ता चुना है।
बचपन से रही दिक्कत, लेकिन अब राहा को लेकर डर
आलिया भट्ट ने खुलासा किया कि यह समस्या उन्हें बचपन से ही थी, लेकिन उन्होंने इसे हाल ही में समझा। वह कई बार सोशल गैदरिंग्स में असहज महसूस करती थीं, उनका ध्यान बार-बार भटकता था और शरीर में अजीब गर्माहट महसूस होती थी। जब उन्होंने टेस्ट करवाए, तो पता चला कि वह एंजाइटी और एडीएचडी से पीड़ित हैं।
अब जब वह मां बन चुकी हैं, तो यह समस्या उनके लिए और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है। बेटी राहा को लेकर कोई भी छोटी-बड़ी बात भूल जाना उनका सबसे बड़ा डर बन गया है। इसी डर ने उन्हें मानसिक रूप से और मजबूत बना दिया है।
दवाइयों के बजाय खुद पर किया फोकस
आलिया ने बताया कि उन्होंने इस स्थिति को सुधारने के लिए दवाइयों का सहारा नहीं लिया। बल्कि, उन्होंने खुद को कंट्रोल करने और स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाने पर ज्यादा ध्यान दिया।
“मैंने खुद से कहा कि मुझे इस समस्या को अपने तरीके से मैनेज करना होगा। अब मुझे लगता है कि मैं इसे पहले से बेहतर तरीके से संभाल पा रही हूं,” आलिया ने कहा।
धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं आलिया
एक्ट्रेस ने बताया कि शुरुआत में उन्हें बहुत तकलीफ हुई थी। पार्टीज में असहज महसूस करना, कई चीजों पर एक साथ फोकस न कर पाना, यह सब उनके लिए मुश्किल था। लेकिन अब वह लगातार इस पर काम कर रही हैं और उम्मीद है कि जल्द पूरी तरह ठीक हो जाएंगी।
आलिया भट्ट का यह खुलासा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने वाला है। यह दिखाता है कि बड़ी से बड़ी सफलताओं के पीछे भी इंसान अपनी निजी लड़ाई लड़ता है। उनकी कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो इस तरह की मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।
About Author
You may also like
सियासत में शब्दों के बाण : पंजाब वालों से मांगो- क्या यह सांसद की लाचारी है या अहंकार?
स्वागत की औपचारिकता या सियासी दूरी? उदयपुर एयरपोर्ट पर सीएम और उनसे मिलने वाले चेहरों की बॉडी लैंग्वेज
उदयपुर की विडंबना : सुखाड़िया के बाद बस घूमने आते रहे मुख्यमंत्री, बजट में मिला तो सिर्फ आश्वासन का झुनझुना
उदयपुर के प्रमुख समाचार यहां पढ़िए…लेपर्ड के हमले में घायल महिला ने एमबी अस्पताल में तोड़ा दम, आबादी क्षेत्रों में बढ़ते खतरे से दहशत
सियासी मजबूरी या चुनावी जोश? उदयपुर भाजपा में ‘दिल’ मिले न मिले, जीत के जश्न में हाथ मिलाना पड़ा
