डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने दुनिया में पहली बार जनसमूह से रूबरू होकर तनाव प्रबंधन का पाठ पढ़ाकर बनाया 8वां विश्व कीर्तिमान

बोले-अगर लक्ष्य प्राप्ति के पथ पर संघर्ष जारी रखा तो लक्ष्य पर राज सुनिश्चित

डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने 6 साल में समाज सेवा-पर्यावरण संरक्षण-महिला स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्र में 8 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित कर विश्व में मिसाल कायम की


उदयपुर। मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मंगलवार को जनसमूह को तनाव प्रबंधन का पाठ पढ़ाकर दुनिया में पहली बार तनाव प्रबंधन से संबंधित यह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने विश्व में पहली बार तनाव प्रबंधन की श्रेणी को शामिल किया है।

डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने यह विश्व कीर्तिमान पैलेस प्रांगण में उपस्थित जनसमूह को तनाव मुक्त जीवन जीने का पाठ पढ़ाकर स्थापित किया है। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने कहा कि दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी तनाव से ग्रसित है। जबकि इसका स्थायी समाधान खुद के ही मन-मस्तिष्क में मौजूद है। युवाओं सहित हर वर्ग को यह बात आत्मसात करनी होगी कि असफलता के बाद भी सफलता के द्वार हमेशा खुले रहते हैं। हार के बाद जीत की उम्मीद भी हमेशा जिंदा रहती है।

जरूरत खुद की छोटी-छोटी खामियों को चिह्नित कर एक-एक कर खुद ही दूर करने और कठिन परिश्रम व एकाग्रता के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहने की है। अगर लक्ष्य प्राप्ति के पथ पर लगातार संघर्ष जारी रखा तो निर्धारित लक्ष्य पर राज सुनिश्चित है। सबसे पहले हमें यह छोड़ना होगा कि हर कोई सबसे पहले हमें और हमारी बातों को ही महत्व दें। जब हम और हमारी बातें महत्वपूर्ण होते हैं तो उनमें हमारा महत्व स्वत: ही निहित होता ही है।

डॉ. लक्ष्यराज सिंह पिछले 6 साल में समाज सेवा-पर्यावरण संरक्षण-महिला स्वच्छता प्रबंधन जैसे विषयों पर 8 गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं। उनका कहना है कि ये विश्व कीर्तिमान देश-दुनिया में समाज सेवा और नागरिक दायित्वों के निर्वहन की अलख जगाने की पुनीत सोच के साथ स्थापित किए है, जिसका क्रम अनवरत जारी रहेगा।

-जानिए डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कब कौन-सा विश्व कीर्तिमान कैसे स्थापित किया

रिकॉर्ड-1: मार्च 2019 को जरूरतमंदों को वस्त्रों का दान कर पहला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया था। एकत्रित किए कपड़ों को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूएसए, ओमान, श्रीलंका, यूएई सहित अन्य देशों के शहरों से एकत्रित कर जरूतमंदों तक पहुंचाया।

रिकॉर्ड-2: अगस्त 2019 को 24 घंटे में स्टेशनरी छात्र-छात्रों में वितरित कर दूसरा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया। लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने उदयपुर संभाग में एक महीने तक शिक्षा प्रोत्साहन कैंपेन चलाकर सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को किताब, कॉपी-पेन-पेंसिल, कलर्स बुक, बुक्स आदि शिक्षण सामग्री वितरित की।

रिकॉर्ड-3: जनवरी 2020 को महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से पौधे लगाकर तीसरा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया। सिटी पैलेस के माणक चौक में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने अमलतास, गुलमोहर, सहजन व केशिया श्याम वृक्षों के पौधों को लगाया गया।

रिकॉर्ड-4: जनवरी 2021 को मात्र एक घंटे में महिला स्वच्छता प्रबंधन से जुड़े प्रोडक्ट बांटकर चौथा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। कोरोना महामारी के दौरान स्वच्छता और महिला माहवारी स्वच्छता प्रबंधन की अलख जगाने के लिए सेनेट्री पेड, हैंड सेनेटाइजर, साबुन, टूथब्रश जैसे प्रोडक्ट्स दान किए।

रिकॉर्ड-5: जनवरी 2022 को एक घंटे में स्वेटर वितरण कर 5वां गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। सर्दी के सीजन में जरूरतमंद लोगों को स्वेटर पहनाकर पुनीत पहल की।

रिकॉर्ड-6: जनवरी 2022 को ही भोजन के पैकेट वितरण कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। जिसका उद्देश्य था कि कोई भूखा ना सोए, पहल का संदेश जन-जन तक पहुंचाना।

रिकॉर्ड-7: जनवरी 2023 को बीज भविष्य का अभियान के तहत विभिन्न तरह के पेड़-पौधों के बीज बोकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया गया।

रिकॉर्ड-8: जनवरी 2024 को जनसमूह को तनाव प्रबंधन का पाठ पढ़ाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया किया है। बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने विश्व में पहली बार तनाव प्रबंधन से संबंधित यह श्रेणी बनाने की पहल की है।

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