महाराणा प्रताप स्मारक मोती मगरी में प्रताप जयंती के दिन सुबह 8 से शाम 6 बजे तक मेवाड़वासियों सहित देसी-विदेशी पर्यटकों का निशुल्क प्रवेश रहेगा

उदयपुर.
महाराणा प्रताप स्मारक समिति मोती मगरी उदयपुर द्वारा ज्येष्ठ शुल्क की तृतीया सोमवार (22 मई) को प्रात: स्मरणीय वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 483वीं जयंती विधि-विधान और धूम-धाम से मनाई जाएगी। महाराणा प्रताप के वंशज और समिति अध्यक्ष डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ (चेतकारूड़) प्रतिमा की विशेष पूजा-अर्चना विधि-विधान से करेंगे। वेदमंत्रों के साथ हवन कर पूर्णाहुति देंगे। इसके बाद प्रतापी प्रताप का 483 किग्रा लड्डू का भोग धराएंगे। सुबह 8 बजे वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की चेटकारूढ़ प्रतिमा के समक्ष प्रशासनिक अधिकारियों, विशिष्ट अतिथियों, शहर के प्रतिष्ठित गणमान्य नागरिकों और आगंतुकों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। महाराणा प्रताप स्मारक समिति के सचिव सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि महाराणा प्रताप जयंती के पावन अवसर पर सोमवार को सुबह 8 से शाम 6 बजे तक महाराणा प्रताप स्मारक मोती मगरी में मेवाड़वासियों सहित देसी-विदेशी पर्यटकों का निशुल्क प्रवेश रहेगा। प्रताप जयंती की तैयारियों के चलते प्रताप स्मारक पर 21 मई दोपहर 1 बजे से 22 मई को सुबह 8 बजे तक प्रवेश वर्जित रहेगा। प्रताप जयंती की पूर्व संध्या पर रविवार 21 मई को मुख्य स्मारक पर प्रताप प्रतिमा पर 483 दीप प्रज्ज्वलित करेंगे।
-बैंडों की रहेगी धूम, प्लास्टिक, तम्बाकू उत्पादों का प्रयोग पूरी तरह निषेध रहेगा
सचिव शर्मा ने बताया कि प्रताप जयंती पर सोमवार को पुलिस बैंड, आर्मी बैंड, बोहरा बैंड, सिटी पैलेस बैंड, महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल बैंड द्वारा मधुर स्वर लहरियां बिखेरेगा। भारतीय सेना द्वारा शस्त्र प्रदर्शनी भी किया जाएगा। प्रताप जयंती के अवसर पर समिति परिसर में भव्य विद्युत सज्जा की जाएगी। जयंती के आयोजनों को देखते हुए समिति परिसर में सफाई , पेयजल और सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं। समिति परिसर में प्लास्टिक, तम्बाकू और तंबाकू निर्मित उत्पादों का प्रयोग पूरी तरह निषेध रहेगा। प्रताप स्मारक पर कोई भी महानुभाव निशुल्क प्रवेश लेकर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित कर सकता है।
About Author
You may also like
गुलाब बाग : शहर की धड़कनों में महकती यादें, उम्र की शाम और एक वादा, मेयर-डिप्टी मेयर व पार्षदों का सम्मान
34 हज़ार फीट पर भारतीय संस्कार और शौर्य : जब कैप्टन स्मित के अदम्य साहस के आगे नतमस्तक हुई दुनिया
उदयसागर की छाती पर पांच साल का शाही अट्टहास
साउथ अफ्रीका के बाद भारत बना 400+ चेज करने वाला दूसरा देश : गिल के ऐतिहासिक दोहरे शतक से वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली धमाकेदार जीत
सस्टेनेबिलिटी का वैश्विक मानक : हिन्दुस्तान जिंक का यशद भवन कॉर्पोरेट एक्सीलेंस और LEED प्लेटिनम रेटिंग से पुनः अलंकृत
