राष्ट्र प्रेम के गीतों पर अपने आप ही थिरकने लगे जयपुराइट्स के पैर

जयपुर। राजस्थान पुलिस दिवस 2024 के उपलक्ष्य में आयोजित किये जा रहे विभिन्न आयोजनों के क्रम में राजस्थान पुलिस बैंड द्वारा बुधवार की शाम को जवाहर सर्किल को सुरों से सजाया गया। राजस्थान पुलिस के बैंडवादकों ने अपनी मनोरम प्रस्तुति से वहां उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया।
ये देश है वीर, जवानों का….वंदे मातरम, ऐ मेरे वतन के लोगों, जरा आंख में भर लो पानी….सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा…जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा….संदेशे आते है…आदि धुनों पर बैंडवादन कर बैंडवादक कलाकारों ने सुमधुर स्वर लहरियां बिखेरी और वहाँ उपस्थित देशी-विदेशी पर्यटको, पावणों, युवाओं, बच्चों व सभी आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पुलिस बैंड के अद्भुत और अनूठे प्रदर्शन में राजस्थान पुलिस कें सैन्ट्रल बैंड, हाड़ी रानी बटालियन और संयुक्त बैंज (ब्रास बैंड) के बैंड वादकों के दल ने अपनी चित्ताकर्षक प्रस्तुतियों से बड़ी संख्या में उपस्थित हर वर्ग के दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। बैंड वादकों द्वारा बारी-बारी से दी गई अलग-अलग प्रस्तुतियों के बाद लोगों ने बार बार तालियों की गूंज से उनकी जोरदार हौसला अफजाई की और इस शानदार प्रदर्शन पर खूब दाद देते हुए अपनी खुशी का इज़हार किया।

देशभक्ति से सराबोर इस कार्यक्रम में विभिन्न सुर तो सजे ही, खुशनुमा मौसम के बीच जवाहर सर्किल उद्यान की प्राकृतिक छटा, हरियाली घटा और वृक्षो पर सजाई गई रोशनी के बीच धुनों ने वहाँ बैठे दर्शको की खूब तालियां बटोरी।

पुलिस महानिदेशक श्री साहू के साथ ही इस भव्य सुहानी साँझ के साक्षी अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस सर्वश्री संजय अग्रवाल, हेमन्त प्रियदर्शी, सुनील बिश्नोई, गोविन्द गुप्ता, वी के सिंह आदि भी रहे। पुलिस मुख्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं आयुक्तालय के पुलिस अधिकारी आदि मौजूद रहे।
——————-




About Author
You may also like
-
गहलोत पहुंचे गिरिजा व्यास के परिजनों से मिलने: अहमदाबाद में लिया स्वास्थ्य का हाल, डॉक्टरों से भी की बातचीत
-
मनोज कुमार नहीं रहे: सिनेमा के ‘भारत कुमार’ ने 87 की उम्र में ली अंतिम सांस
-
फतहसागर का साया : एक झील, दो कहानियाँ और अनुत्तरित सवाल
-
ज्ञानवापी फाइल्स : ए टेलर मर्डर स्टोरी…कन्हैया लाल साहू हत्याकांड की सच्चाई आएगी बड़े पर्दे पर
-
बाअदब! बामुलाहिजा…होशियार…पूर्व सल्तनत-ए-मेवाड़ में शाही रस्मो रिवाज के साथ अदा की डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने गद्दी संभालने की रस्म