
राजसमंद। राजस्थान के राजसमंद जिले में एक नई सामाजिक क्रांति का सूत्रपात हुआ है। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड और अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के सहयोग से 70 नए नंद घरों का शुभारंभ किया गया, जो न केवल बच्चों की शिक्षा और पोषण का केंद्र होंगे, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का भी एक सशक्त माध्यम बनेंगे। इस वर्ष की शुरुआत से अब तक 101 नंद घरों की स्थापना की जा चुकी है, जो राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
समारोह में प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति

राजसमंद जिले के कुरज स्थित मंगलपुरा विद्यालय प्रांगण में आयोजित उद्घाटन समारोह में विधायक दीप्ति माहेश्वरी और हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इन सभी ने नंद घरों की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पहल समाज के वंचित वर्गों के उत्थान में अहम भूमिका निभाएगी।
महिला और बाल विकास की दिशा में सशक्त कदम
नंद घर केवल आंगनवाड़ी केंद्र नहीं, बल्कि महिला और बाल विकास के बहुआयामी केंद्र हैं। यहां बच्चों को ई-लर्निंग टूल्स के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास की दिशा में प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पहल न केवल बच्चों के बौद्धिक विकास को गति देगी, बल्कि महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।
सामुदायिक विकास की नई इबारत
राजस्थान में 15 जिलों में 4200 केंद्रों का लक्ष्य और राष्ट्रीय स्तर पर 7500 से अधिक नंद घरों का आधुनिकीकरण, यह साबित करता है कि यह पहल सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक लहर है। हिन्दुस्तान जिंक के अन्य सामाजिक कार्यक्रमों जैसे ‘शिक्षा संबल’, ‘सखी’, ‘ऊंची उड़ान’ और ‘जिंक फुटबॉल अकादमी’ की तरह ही नंद घर भी ग्रामीण भारत की बुनियादी संरचना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
एक आत्मनिर्भर और समावेशी भारत की ओर कदम
हिन्दुस्तान जिंक की यह पहल ‘आत्मनिर्भर राजस्थान’ और ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है। नंद घरों के माध्यम से आने वाले वर्षों में लाखों बच्चों और महिलाओं का जीवन संवरेगा, जिससे समाज में एक स्थायी और सकारात्मक बदलाव आएगा।
राजसमंद में नंद घरों की यह रोशनी अब दूर-दराज के गांवों तक पहुंचेगी, जहां हर बच्चा शिक्षा और पोषण से सशक्त होगा, और हर महिला आत्मनिर्भर बनने के पथ पर अग्रसर होगी। यह बदलाव की एक नई सुबह है, जहां हर आशा को नई उड़ान मिलेगी!
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