बाड़मेर/बालोतरा। राजस्थान के बाड़मेर स्थित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को हुई आगजनी की घटना ने न केवल प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया, बल्कि इसके कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुप्रतीक्षित उद्घाटन कार्यक्रम भी स्थगित करना पड़ा है। उद्घाटन स्थल से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित यूनिट में लगी इस आग ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
हादसे पर त्वरित नियंत्रण और सुरक्षा उपाय
सोमवार दोपहर रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में अचानक आग भड़क उठी, जिससे धुएं का काला गुबार आसमान में छा गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए:
त्वरित कार्रवाई: रिफाइनरी के ऑटोमैटिक फायर सेफ्टी सिस्टम को तुरंत सक्रिय किया गया और करीब 20 दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं।
सुरक्षित निकासी: प्रभावित यूनिट में काम कर रहे सभी कर्मचारियों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया।
वर्तमान स्थिति: पुलिस और मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण में है और आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया है।
विपक्ष का प्रहार : “प्रचार की जल्दबाजी और लापरवाही”
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं:
अधूरी परियोजना का आरोप : जूली ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि रिफाइनरी का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन प्रचार के लिए जल्दबाजी में उद्घाटन की तैयारी की जा रही थी।
लागत और देरी : उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस की इस योजना को वर्षों तक रोके रखा, जिससे इसकी लागत दोगुनी हो गई।
सुरक्षा में चूक : विपक्ष ने इसे महज एक दुर्घटना न मानकर सरकार की “गंभीर लापरवाही” और “सुरक्षा चूक” करार दिया है।
प्रशासनिक रुख
यद्यपि मुख्यमंत्री कार्यालय ने घटना को ‘मामूली’ बताया है, लेकिन प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का स्थगन इस बात का संकेत है कि प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को आज शाम ही तैयारियों का जायजा लेने पहुँचना था, लेकिन अब पूरी प्राथमिकता आग लगने के कारणों की जाँच और सुरक्षा ऑडिट पर है।
यह रिफाइनरी राजस्थान के औद्योगिक भविष्य के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है, लेकिन उद्घाटन से ठीक पहले हुई इस घटना ने तकनीकी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर नई बहस छेड़ दी है।
About Author
You may also like
परदे के पीछे: चकाचौंध के बाज़ार में जिस्म, जेवर और जिंदगी की जद्दोजहद
ग्वालियर-ट्रक ने 45 श्रद्धालुओं को कुचला, 13 मौतें : जहां जलनी थीं मन्नतों की ज्योत, वहां बिछ गईं 13 श्रद्धालुओं की लाशें
ग्रेटर नोएडा में दिल दहला देने वाली वारदात: एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध हालात में मौत; पति-पत्नी और 3 मासूम बच्चों ने तोड़ा दम, रात में नूडल्स खाने की बात आई सामने
‘खाटू वाले’ के दर्शन से पहले ही उजड़ गए हंसते-खेलते परिवार : कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पुल से गिरी बस, 8 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, पल भर में मातम में बदली खुशियां
दिल्ली में घमासान : जंतर-मंतर की छावनी, पहियों पर लगी लगाम और मुट्ठियों में धड़कता लोकतंत्र

