मेवाड़ की विरासत का मान : डॉ. लक्ष्यराज सिंह के आतिथ्य ने मोह लिया अमेरिकी राजदूत का मन

उदयपुर। मेवाड़ की वीर धरा पर आज उस समय एक भावुक और गौरवपूर्ण दृश्य देखने को मिला, जब भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत अपनी पारंपरिक शैली में किया। सिटी पैलेस के प्रांगण में हुई इस मुलाकात में न केवल कूटनीति की औपचारिकताएं दिखीं, बल्कि मेवाड़ के उस गहरे आत्मीय भाव के दर्शन हुए, जो सदियों से ‘अतिथि देवो भव:’ के संकल्प को जीवंत रखे हुए है।

डॉ. लक्ष्यराज सिंह का आत्मीय सत्कार

डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपनी गौरवशाली परंपराओं का निर्वहन करते हुए राजदूत सर्जियो गोर का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस दौरान डॉ. मेवाड़ ने उन्हें एक विशेष स्मृति-चिह्न भेंट किया, जो मेवाड़ के त्याग, तपस्या और कला का प्रतीक है। राजदूत गोर डॉ. लक्ष्यराज सिंह के विनम्र व्यवहार और विरासत के प्रति उनके समर्पण को देख भाव-विभोर नज़र आए।

विरासत के संरक्षण की सराहना

सिटी पैलेस के वैभव को देख अमेरिकी राजदूत खुद को रोक नहीं पाए और डॉ. लक्ष्यराज सिंह के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने बेहद भावनात्मक शब्दों में कहा:

“डॉ. मेवाड़, इस अद्भुत महल का भ्रमण करना मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। आपने यहाँ अपनी संस्कृति और इतिहास को सहेजने के लिए जो सराहनीय कार्य किया है, उस पर आपको और पूरे मेवाड़ को गर्व होना चाहिए। यह महल केवल पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि इतिहास की एक अद्भुत गाथा है।”

संस्कृतियों को जोड़ता एक सार्थक संवाद

डॉ. लक्ष्यराज सिंह और राजदूत गोर के बीच हुई यह चर्चा केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने वैश्विक संबंधों को सांस्कृतिक सेतु के जरिए जोड़ने का काम किया। डॉ. मेवाड़ ने इस अवसर पर प्रदर्शित किया कि किस प्रकार एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में आधुनिक और सार्थक संवाद के माध्यम से विश्व को करीब लाया जा सकता है।

यह भेंट इस बात का प्रमाण है कि डॉ. लक्ष्यराज सिंह के नेतृत्व में मेवाड़ की परंपराएं आज भी वैश्विक पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ रही हैं और दुनिया भर के प्रतिनिधियों का दिल जीत रही हैं।

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