
बीकानेर। राजस्थान के शिक्षा विभाग ने 10 फरवरी को तीन महत्वपूर्ण आयोजनों का आदेश जारी कर शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को असमंजस में डाल दिया है। इस दिन सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक के सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन जुड़ने का निर्देश दिया गया है।
इसके साथ ही इसी दिन स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा करियर मेले का आयोजन भी किया जाना है, जिसमें छात्रों को उनके भविष्य की योजनाओं और संभावनाओं के बारे में मार्गदर्शन देना है। वहीं, साइबर सुरक्षा पर ऑनलाइन प्रशिक्षण का भी आदेश जारी हुआ है, जो 10 और 11 फरवरी को होगा।
शिक्षकों की परेशानी
तीन बड़े आयोजनों को एक ही दिन में आयोजित करने का आदेश मिलने से शिक्षक और प्रधानाचार्य असमंजस में हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री के संवाद के साथ ही करियर मेले की व्यवस्था और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण को संभालना एक साथ संभव नहीं है।
राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ अरस्तू के प्रदेशाध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल ने कहा, “शिक्षा विभाग में समन्वय की कमी है। तिथियों को तय करते समय अधिकारियों को यह देखना चाहिए कि किसी अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तारीख तो नहीं टकरा रही।”
क्या है शिक्षकों की मांग?
शिक्षक संघ और संस्था प्रधानों का कहना है कि विभाग को इन आयोजनों को अलग-अलग दिन में आयोजित करना चाहिए, ताकि सभी कार्य व्यवस्थित रूप से हो सकें।
समन्वय की कमी पर सवाल
इस घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग के भीतर समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है। अधिकारियों की ओर से तिथियों को तय करते समय इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया कि एक ही दिन तीन बड़े आयोजन करने से शिक्षकों और विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव पड़ेगा।
अब देखना यह है कि विभाग शिक्षकों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर कोई संशोधन करता है या नहीं।
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