पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने किस बात पर दी दो-टूक सलाह…जानना जरूरी है

अशोक गहलोत की पुत्र-मोह पर दो-टूक सलाह : मंत्री-उपमुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री बेटों को बेटों को सत्ता के केंद्र से दूर ही रखें, वरना बदनामी तय है

जयपुर (राजस्थान)। राजस्थान की सियासत के ‘जादूगर’ कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने वर्तमान सरकार को आड़े हाथों लेते हुए एक बड़ी और नसीहत भरी टिप्पणी की है। मंत्रियों और सत्तासीन पदाधिकारियों के परिजनों के बढ़ते दखल पर कटाक्ष करते हुए गहलोत ने साफ कहा कि सत्ता के गलियारों से ‘बेटों’ की दूरी ही सरकार की सेहत के लिए अच्छी है।

सत्ता और सियासत : गहलोत के कड़े तेवर

गहलोत ने मौजूदा सरकार के कामकाज और मंत्रियों के बेटों के ‘प्रोत्साहन’ पर सवाल उठाते हुए कहा : “मंत्रियों, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे अपने बेटों को सरकार और सरकारी कामकाज से कोसों दूर रखें। अगर आप उन्हें सत्ता के करीब लाएंगे, तो उनके बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है।”

अदृश्य नुकसान : पूर्व मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि जब बेटे सरकार के इर्द-गिर्द होते हैं, तो पिता (मंत्री या मुख्यमंत्री) को पता भी नहीं चलता कि कब उनके नाम पर गलत काम हो रहे हैं।

सरकार की साख : उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा, “बेटों की हरकतों का खामियाजा अंततः मंत्री और पूरी सरकार को भुगतना पड़ता है। बदनामी आपकी होगी और सरकार की साख गिरेगी।”

तजुर्बे से दी गई सलाह : राजनीति के लंबे सफर का हवाला देते हुए गहलोत ने इसे एक ‘निजी और राजनीतिक सलाह’ के तौर पर पेश किया। उन्होंने वर्तमान सत्ता के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों को आगाह किया कि सत्ता का नशा और बेटों का दखल एक ऐसा मिश्रण है जो किसी भी सुशासन को पटरी से उतार सकता है।

“मैं उन्हें यही मशवरा देना चाहूंगा कि अगर वे अपनी और सरकार की इज्जत बचाना चाहते हैं, तो बेटों को सत्ता के केंद्र से दूर ही रखें।” — अशोक गहलोत

 

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