
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम हुए भीषण क्रूज़ हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि कम से कम आठ लोग अभी भी लापता हैं। खमरिया टापू के पास हुए इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
हादसा 30 अप्रैल की शाम करीब 5:30 बजे हुआ। मध्य प्रदेश पर्यटन का लगभग 20 साल पुराना क्रूज़ करीब 35 पर्यटकों और दो क्रू मेंबर्स को लेकर सैर पर था। क्रूज़ के पायलट महेश के अनुसार, सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे, लेकिन तूफान इतनी अचानक और तेजी से आया कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने तक का मौका नहीं मिला। तेज लहरों के कारण क्रूज़ अनियंत्रित होकर जलमग्न हो गया।
जब प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच रही थीं, तब वहाँ काम कर रहे मजदूरों की एक टोली ने सबसे पहले मोर्चा संभाला। प्रत्यक्षदर्शी मजदूर सागर गुप्ता ने बताया कि आवाज सुनते ही 10-12 मजदूर लाइफ जैकेट और रस्सियाँ लेकर पानी में कूद गए। इन जांबाज मजदूरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर करीब 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और चार महिलाओं के शवों को एम्बुलेंस तक पहुँचाया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौतियां
प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना (Army), NDRF और SDRF की टीमों को तैनात किया है।
गैस कटर का इस्तेमाल: बचाव दल ने डूबे हुए क्रूज़ के हिस्से को गैस कटर से काटकर एक व्यक्ति को सुरक्षित निकाला, जो तीन घंटे तक अंदर फंसा रहा।
बाधाएं: रात का अंधेरा, तेज आंधी और बारिश बचाव कार्य में बड़ी रुकावट बन रहे हैं। जेसीबी और भारी रस्सियों की मदद से डूबे हुए क्रूज़ को पानी से बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भावुक कर देने वाली दास्तां
हादसे का शिकार हुए परिवारों में आयुध निर्माणी (OFK) कर्मचारी कामराज आर्य का परिवार भी शामिल है। वे अपने परिवार के 15 सदस्यों के साथ पिकनिक मनाने आए थे। कामराज और उनके एक बेटे को तो बचा लिया गया, लेकिन उनके परिवार के कई सदस्य अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
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