उदयपुर। उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े घटी लूट की एक घटना ने क्षेत्रवासियों को स्तब्ध कर दिया। पॉप कॉलोनी में रहने वाली एक वृद्ध महिला के घर में तीन अपराधी घुसे और उनकी मासूमियत का फायदा उठाकर करीब 20 लाख रुपये के सोने के आभूषण लूट ले गए। अपराधियों ने वारदात को इतनी चालाकी और निर्दयता से अंजाम दिया कि पीड़ित महिला के होश फाख्ता हो गए। यह वारदात एक ऐसे अपराध की कहानी है जिसने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी।
वारदात की पटकथा: मासूमियत का फायदा उठाकर खौफनाक साजिश रची
5 नवंबर 2024 की शाम करीब साढ़े चार बजे, 63 वर्षीय अनिता पोरवाल अपने घर में अकेली थीं। दरवाजे पर डोरबेल बजी और उन्होंने गेट खोला, जहां दो अपरिचित युवक खड़े थे। उनमें से एक ने अनिता जी से क्रिकेट की गेंद छत पर गिर जाने का बहाना बनाया और अंदर आने की अनुमति मांगी। महिला ने दरियादिली दिखाते हुए दोनों युवकों को अंदर जाने दिया, जिन्हें वह पहचानती तक नहीं थीं।
थोड़ी देर बाद एक तीसरा युवक दरवाजे पर आया और उसी बहाने से अंदर आया। इस बार उसने पानी मांगा, जिसे महिला ने तुरंत दिया। परंतु, पानी पीते ही युवक ने नाटक किया और उल्टी करने का बहाना बनाते हुए महिला को अचानक धक्का दे दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं। इससे पहले कि वह कुछ समझ पातीं, युवक ने उनके हाथों से सोने की पाटले उतार लीं और उनके कपड़े भी खींचने का प्रयास किया। महिला की चीख को दबाने के लिए उसने उनका मुँह पकड़ लिया और उन्हें जबरन किचन के पास बने एक कमरे में बंद कर दिया।
पर्दाफाश: सीसीटीवी और तकनीकी चतुराई से अपराधियों का पीछा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने तुरंत जांच के आदेश दिए। सुखेर थाने के प्रभारी हिमांशु सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने घटनास्थल के आसपास के करीब 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखे सुरागों और हुलियों के आधार पर पुलिस ने अपराधियों का पीछा शुरू किया।
अपराधियों की पहचान और पुलिस का घेरा
जांच में पुलिस को एक हुंडई ईऑन कार की संदिग्ध आवाजाही का सुराग मिला, जिसे अपराधी भागने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने सूचना के आधार पर संदिग्ध दीपक चण्डालिया का पीछा किया, जो भीलवाड़ा निवासी है और इवेंट मैनेजमेंट का काम करता है। दीपक के अन्य तीन साथी लक्ष्मण रावत, ओमप्रकाश, और शिवदयाल भी वारदात में शामिल थे। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने अपराध की योजना बनाने और उसे अंजाम देने की पूरी साजिश कबूल की।
वारदात की जड़ में व्यक्तिगत संबंध और मौके की तलाश
मुख्य अभियुक्त दीपक चण्डालिया का ससुराल उदयपुर में है, जिसके चलते वह अक्सर शहर आता था। इस बार, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक ऐसी योजना बनाई, जिसमें पीड़िता की भलमनसाहत का नाजायज फायदा उठाकर, उन्हें न केवल लूटा बल्कि उनके आत्म-सम्मान को भी ठेस पहुँचाई। सोने के आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 20 लाख आंकी गई है, लूटकर आरोपी फरार हो गए, लेकिन पुलिस की सतर्कता और कुशलता के चलते जल्द ही गिरफ्तार कर लिए गए।
इस दर्दनाक और खौफनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
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