महायुद्ध अपडेट : सोने से पहले पढ़िए…पिछले दो घंटे में युद्ध के मैदान में क्या हुआ?

लेबनान से ईरान तक मिसाइलों का तांडव, 48 घंटों में सैकड़ों मौतें

लेबनान/तेहरान/तेल अवीव।

मध्य पूर्व इस समय एक विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध की आग में झुलस रहा है। पिछले कुछ दिनों में इजरायल, अमेरिका और ईरान समर्थित समूहों के बीच हमलों का सिलसिला इतना तेज हो गया है कि अब यह संघर्ष देशों की सीमाओं को लांघकर पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में फैल चुका है।

लेबनान : श्मशान बनती बस्तियां और सामूहिक विस्थापन

सोमवार, 2 मार्च से शुरू हुए इजरायली हवाई हमलों ने लेबनान में तबाही मचा दी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पिछले कुछ दिनों में मरने वालों का आंकड़ा 339 तक पहुँच गया है, जबकि घायलों की संख्या सैकड़ों में है।

बेका घाटी में खूनी रेड : इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्वीकार किया कि उनकी सेना ने बेका घाटी के ‘नबी चित’ इलाके में एक विशेष ‘एयरबोर्न ऑपरेशन’ (हवाई घुसपैठ) किया। यह हमला 40 साल पहले लापता हुए इजरायली पायलट रॉन अराद के अवशेषों को खोजने के लिए था। हालांकि, इस मिशन में कोई सफलता नहीं मिली, लेकिन भीषण गोलीबारी और बमबारी में कम से कम 41 लोग मारे गए।

बेरुत पर खतरा : इजरायली सेना ने बेरुत के दक्षिणी उपनगरों (Dahiyeh) के लिए एक नया ‘निकासी अलर्ट’ जारी किया है। यहाँ रहने वाले लाखों लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे तुरंत घर खाली कर दें, क्योंकि इजरायल हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बड़े हमलों की तैयारी कर रहा है।

मानवीय संकट : हमलों के कारण अब तक 1,12,525 लोग बेघर होकर अस्थायी शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।

ईरान: तेहरान के हृदय पर प्रहार : इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने पिछले 48 घंटों में ईरान के भीतर 300 से अधिक सैन्य लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।

IRGC मुख्यालय पर हमला : तेहरान के बीचों-बीच स्थित ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के वायु सेना कमान केंद्र पर बमबारी की गई है। इसके अलावा, ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण केंद्रों और ‘कुद्स फोर्स’ के हथियारों के गोदामों को भी नष्ट करने का दावा किया गया है।

ईरान का पलटवार : ईरानी विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को “क्रूर सैन्य आक्रामकता” बताया है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि जो देश अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों का उपयोग करने दे रहे हैं, वे “शांति नहीं देख पाएंगे।”

खाड़ी देशों तक पहुंची युद्ध की लपटें : ईरान और उसके सहयोगियों ने जवाबी कार्रवाई में पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है:

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) : यूएई के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से आने वाले कई मिसाइलों और ड्रोनों को बीच रास्ते में ही मार गिराया। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने इसे “युद्ध का समय” घोषित किया है।

बहरीन : ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन में एक अमेरिकी बेस पर हमला करने का दावा किया। इस हमले के कारण बहरीन की राजधानी मनामा में कई रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा है।

सऊदी अरब : रियाद के पास स्थित ‘प्रिंस सुल्तान एयर बेस’ की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई। हालांकि, सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मिसाइल एक निर्जन इलाके में गिरी, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।

ईरान में सत्ता का शून्य और ट्रंप की चेतावनी : ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की पिछले सप्ताह मौत के बाद देश में नेतृत्व का संकट गहरा गया है। ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ अगले 24 घंटों में नए नेता का चुनाव करने वाली है।

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच जुबानी जंग तेज है। अराघची ने कहा कि ट्रंप की गलतफहमी की वजह से अमेरिका को अब तक 100 अरब डॉलर और अपने सैनिकों की जान गंवानी पड़ी है।

इजरायल द्वारा ईरान में हिट किए गए लक्ष्य: 300+

इजरायल द्वारा लेबनान में हिट किए गए लक्ष्य: 170+

लेबनान में कुल मौतें (2 मार्च से): 339

विस्थापित लोग: 1.12 लाख से अधिक

स्राेत : अल जजीरा

 

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