
उदयपुर: अन्जुमन-ए-तालीमुल इस्लाम के तरजुमान मोहसिन हैदर ने हिलाल कमेटी के हवाले से बताया कि माहे रबीउल अव्वल का चांद बुद्ह के रोज़ नज़र नहीं आया। अलबत्ता, चित्तौड़गढ़ से चांद की शरई गवाही मिलने के बाद जुमेरात के रोज़ माहे रबीउल अव्वल की पहली तारीख तस्लीम की गई। इस मौके पर अंजुमन बिल्डिंग में दोपहर 12:30 बजे परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। सलातो-सलाम पढ़ा गया और रूहानी दुआओं का एहतेमाम किया गया।
शरई शहादत के मुताबिक़, उदयपुर में 14 और 15 सितम्बर को जश्ने ईद मीलादुन्नबी का जलसा मुनक़िद होगा, जबकि 16 सितम्बर 2024 को जुलूसे मोहम्मदी सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम अंजाम दिया जाएगा।
इस मौके पर अन्जुमन के सदर मुजीब सिद्दीकी, सैकेट्री आबिद खान पठान, मौलाना जुलकरनैन बलयावी, मुफ़्ती अहमद हुसैन, मौलाना आस मोहम्मद, मौलाना शफी, हामिद रज़ा, नायब सदर एडवोकेट अशफाक खान, नज़र मोहम्मद, अय्युब डायर, एडवोकेट नवेदुज्जमा, उमर फारूक़, इरफान अशरफी समेत कई अज़ीम शख्सियात और शहर के मोअतबर अफ़राद मौजूद थे।
इस मुबारक मौके पर फिज़ा में रूहानियत और उल्फ़त का जज़्बा महसूस किया गया, और अन्जुमन-ए-तालीमुल इस्लाम की तालीमात के तहत भाईचारे, मोहब्बत और अमन का पैग़ाम एक बार फिर नुमाया तौर पर देखा गया।
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