ईरान-अमेरिका युद्ध : ट्रंप की विनाश की चेतावनी से दहला विश्व बाज़ार…क्या होगा हमला या समझौता

वाशिंगटन/तेहरान

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष अब अपने सबसे विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि मंगलवार की समय सीमा (Deadline) तक हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो ईरान के पावर प्लांट और पुलों को कुछ ही घंटों के भीतर “पूरी तरह से ध्वस्त” कर दिया जाएगा।

ट्रंप ने मध्यस्थों के माध्यम से आए ईरान के जवाब को “महत्वपूर्ण” तो बताया, लेकिन साथ ही इसे “अपर्याप्त” करार दिया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह अब और इंतजार करने के मूड में नहीं है। ट्रंप की इस धमकी के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है और सैन्य गतिविधियों में तेजी आई है।

CENTCOM की कार्रवाई: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अब तक 13,000 से अधिक ईरानी ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं। इसमें 155 ईरानी जहाजों को नष्ट करने का दावा भी शामिल है।

नागरिक बुनियादी ढांचों पर खतरा: अमेरिका में भी इस सैन्य वृद्धि का विरोध शुरू हो गया है। एरिज़ोना के सीनेटर मार्क केली ने चेतावनी दी है कि नागरिक बुनियादी ढांचों (बिजली घर, पुल) को निशाना बनाना युद्ध के नियमों का उल्लंघन हो सकता है और यह अमेरिकी सेना पर एक “काला धब्बा” साबित होगा।

ईरानी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ के अनुसार, तेहरान के मध्य में स्थित एक प्राचीन यहूदी उपासना स्थल (Synagogue) पर अमेरिकी-इजरायली मिसाइल गिरी है, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, ईरान के सबसे बड़े गैस क्षेत्र ‘साउथ पार्स’ (South Pars) पर हुए हमलों को ईरान ने एक गंभीर उकसावे की कार्रवाई बताया है। तेहरान का कहना है कि ये हमले शांति वार्ताओं के प्रति अमेरिका की बेरुखी को दर्शाते हैं।

वैश्विक प्रभाव : कच्चा तेल और बाज़ार
ट्रंप की समय सीमा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर दिख रहा है:

तेल की कीमतें : ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।

शेयर बाजार: जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्डैक (Kosdaq) गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। निवेशकों में डर है कि यदि युद्ध और भड़का, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा सकती है।

शांति की कोशिशें जारी : इस बीच, जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाची ने कहा है कि वह स्थिति को संभालने के लिए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बातचीत करने की तैयारी कर रही हैं। जापान ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस क्षेत्र में “तनाव कम करना” सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

आज का दिन मध्य-पूर्व के इतिहास में निर्णायक साबित हो सकता है। यदि मंगलवार की डेडलाइन तक कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता, तो दुनिया एक और बड़े और विनाशकारी सैन्य संघर्ष की गवाह बन सकती है।

 

About Author

Leave a Reply