फोटो जर्नलिस्ट : कमल कुमावत

उदयपुर। मेवाड़ की ऐतिहासिक धरा उदयपुर के गांधी ग्राउंड में आज राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का एक अभूतपूर्व महासंगम देखने को मिला. हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूरे होने और वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के पावन अवसर पर प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ के तत्वावधान में विशाल ‘राष्ट्र चेतना संकल्प सभा’ का आयोजन किया गया.
हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब, संतों के सान्निध्य और मुख्यमंत्री सहित देश-प्रदेश की कई दिग्गज राजनीतिक व सामाजिक विभूतियों की मौजूदगी में यह सभा राष्ट्रचेतना का एक विराट उद्घोष बन गई.
सत्ता के करीब रहने वाले इतिहासकारों ने बदला सच : डॉ. मोहन भागवत

समारोह के मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने इतिहास के वामपंथी और दरबारी नैरेटिव पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का इतिहास पराधीनता का नहीं, बल्कि विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध निरंतर चले संघर्ष, प्रतिरोध और आत्मगौरव का इतिहास है.
“इतिहास को कई बार सत्ता के निकट रहने वालों ने अपने दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया, जिसके कारण अनेक राष्ट्रीय नायकों के योगदान को अपेक्षित स्थान नहीं मिला. हल्दीघाटी के युद्ध के संदर्भ में भी तथ्यों की पुनर्समीक्षा आवश्यक है.”
लोकनिर्णय स्वयं बताता है विजय किसकी हुई
सरसंघचालक ने ऐतिहासिक तथ्यों और मुगल इतिहासकारों के विवरणों का हवाला देते हुए कहा कि युद्ध के विभिन्न चरणों में मुगल सेना को दुम दबाकर पीछे हटना पड़ा था. उन्होंने लोकमानस के निर्णय को सर्वोपरि बताते हुए कहा:
दुनिया में कहीं भी अकबर की जयंती नहीं मनाई जाती, जबकि महाराणा प्रताप का स्मरण आज भी देश के जन-जन के दिल में है.

महाराणा प्रताप की सेना में केवल योद्धा वर्ग नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज (भील, आदिवासी और सभी वर्ग) जाति-पंथ से ऊपर उठकर राष्ट्ररक्षा के लिए एकजुट होकर लड़ा था.
जब तक हमारे भीतर स्वाभिमान और ‘स्व’ का भाव जीवित रहेगा, तब तक भारत हर चुनौती का सामना करते हुए विजय की नई गाथाएं रचता रहेगा.
इतिहास की भ्रांतियों का अंत करेगा यह गौरव: निम्बार्काचार्य श्रीजी श्याम शरण
समारोह के विशिष्ट अतिथि निम्बार्क पीठाधीश्वर श्रीजी श्याम शरण देवाचार्य ने अपने आशीर्वचन में कहा कि यह आयोजन केवल एक ऐतिहासिक स्मरण नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का महापर्व है. वर्षों से इतिहास को लेकर जो भ्रांतियां फैलाई गई थीं, उनका निराकरण अब समाज के सामने साक्ष्यों के साथ हो रहा है.
उन्होंने कहा कि मेवाड़ की भूमि शौर्य और भक्ति दोनों की पावन धरा है, जिसने एक तरफ प्रताप को तो दूसरी तरफ मीराबाई को जन्म दिया. जब मातृभूमि पर संकट आया, तब प्रताप ने धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया. इस दौरान पूरे गांधी ग्राउंड में श्रद्धालुओं द्वारा “चंदन है इस देश की माटी…” का सामूहिक लोकगायन किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया.
नई पीढ़ी तक पहुंचाना होगा हल्दीघाटी विजय का सत्य : डॉ. भगवती प्रकाश शर्मा

समारोह की अध्यक्षता करते हुए वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष डॉ. भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा कि अब वह समय आ चुका है जब हल्दीघाटी युद्ध के वास्तविक और प्रामाणिक इतिहास को जन-जन तक पहुंचाया जाए. उपलब्ध ऐतिहासिक प्रमाण स्पष्ट करते हैं कि हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप ने मुगल सेना को परास्त कर अद्वितीय विजय हासिल की थी. उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस सत्य को नई पीढ़ी तक ले जाने का आह्वान किया.
डिजिटल मंचों पर 1 लाख से अधिक लोगों ने देखा लाइव, गूंजे जयकारे
इस ऐतिहासिक सभा में पूरा गांधी ग्राउंड “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “महाराणा प्रताप अमर रहें” के गगनभेदी उद्घोषों से गुंजायमान रहा. कार्यक्रम का डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सीधा प्रसारण (Live Stream) किया गया, जिसे देश-दुनिया में बैठे 1 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ लाइव देखा.
इससे पूर्व, प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि इस केंद्र की स्थापना के जरिए महाराणा प्रताप की हार के झूठे विमर्श को पूरी तरह तोड़कर उनकी ‘विजय’ के ऐतिहासिक सत्य को स्थापित किया गया है.
मुख्यमंत्री सहित देश-प्रदेश की दिग्गज हस्तियों का लगा जमावड़ा

इस विराट ‘राष्ट्र चेतना संकल्प सभा’ में मेवाड़-वागड़ के संत समाज के साथ-साथ कई राजनेता और विशिष्ट जन उपस्थित रहे:
प्रमुख राजनेता : राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व भागीरथ चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह राठौड़, सतीश पूनिया और धरोहर संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत.
राजपरिवार की उपस्थिति : नाथद्वारा विधायक व मेवाड़ राजपरिवार के महाराणा विश्वराज सिंह मेवाड़ (जिनका आज जन्मदिन भी था), सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ और निवृत्ति कुमारी मेवाड़ विशेष रूप से उपस्थित रहीं.
संघ और सामाजिक संगठन: RSS के अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरुण जैन, प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संगठन मंत्री जे. नंदकुमार, लघु उद्योग भारती के प्रकाश चंद्र, भारतीय किसान संघ के गजेंद्र सिंह और राजस्थान क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु (VC) भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने.


About Author
You may also like
दुनिया के लिए अच्छी खबर : अमेरिका और ईरान के बीच ‘शांति समझौते’ पर सहमति; इसी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होंगे हस्ताक्षर
दादी-नानी की रसोई से निकला स्वास्थ्य का खजाना, ‘हीलिंग एट होम’ के जरिए नित्या सिंघल ने जगाई परंपराओं की नई चेतना
विश्व युद्ध का खतरा टला! राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले नए हमले रोके, बोले- डील पक्की, जल्द होगी घोषणा
इंटरनेशनल बुलेटिन : खाड़ी देशों से आई दर्दनाक और बड़ी खबरें, ट्रंप की एंट्री से ईरान-इसराइल युद्ध पर लगा ब्रेक
यहां पढ़िए देश-दुनिया में खेल, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय जगत की बड़ी ख़बरें
