महायुद्ध में अब कौनसे बादल…यहां पढ़िए ताजा रिपोर्ट

ईरान की ‘जीरो रिस्ट्रेंट’ की चेतावनी, 180 डाॅलर तक पहुंच सकती हैं तेल की कीमतें

दुबई/तेहरान | मध्य-पूर्व में ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों ने दुनिया भर में कोहराम मचा दिया है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा केंद्रों को दोबारा निशाना बनाया गया, तो वह अपनी पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करेगा और किसी भी तरह का संयम (Restraint) नहीं बरतेगा।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि हालिया हमले उनकी मारक क्षमता का केवल एक छोटा सा हिस्सा थे। यह बयान इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर किए गए हमले के जवाब में आया है।

कतर पर असर : कतर के रास लाफान गैस संयंत्र पर हुए ईरानी हमले से देश की एलएनजी (LNG) निर्यात क्षमता में 17% की गिरावट आने का अनुमान है। इससे यूरोप और एशिया में गैस की भारी किल्लत हो सकती है।

सऊदी अरब के विशेषज्ञों और ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव अप्रैल के अंत तक जारी रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें 180 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड 119 डॉलर के आसपास बना हुआ है, लेकिन लाल सागर (Red Sea) के टर्मिनलों पर हमले की स्थिति में यह $150 का स्तर आसानी से पार कर सकता है।

खाड़ी देशों में ‘एयर डिफेंस’ अलर्ट पर

बीती रात खाड़ी के कई देशों के ऊपर मिसाइलों और ड्रोनों की बारिश देखी गई:

सऊदी अरब: पूर्वी प्रांत (तेल क्षेत्रों का केंद्र) और उत्तरी अल-जौफ प्रांत में सऊदी रक्षा मंत्रालय ने 20 से अधिक ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है।

कुवैत: कुवैती सेना ने ‘शत्रुतापूर्ण मिसाइल और ड्रोन हमलों’ का सामना करने की पुष्टि की है। शहर में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जो एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों को रोकने के कारण हुईं।

दुबई : दुबई मीडिया ऑफिस ने शहर के ऊपर सफल ‘हवाई अवरोधन’ (Air Interceptions) की घोषणा की है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

मानवीय क्षति

इस युद्ध की आग अब निर्दोष नागरिकों तक पहुँच रही है। वेस्ट बैंक (West Bank) में ईरानी मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से एक हेयर सैलून में मौजूद तीन महिलाओं की मौत हो गई, जिनका आज अंतिम संस्कार किया गया।

विशेषज्ञों की राय: विश्लेषकों का मानना है कि लाल सागर और होर्मुज स्ट्रेट इस समय एशिया और यूरोप के बीच इकलौता व्यावहारिक संपर्क मार्ग हैं। यदि यहाँ सैन्य गतिविधियाँ बढ़ती हैं, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा सकती है।

 

About Author

Leave a Reply