
बांसवाड़ा। लोकसभा चुनावों के दूसरे चरण से पहले बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सीट पूरे देश की सियासत के केंद्र में आ गई है। पहले चरण की कम वोटिंग से भाजपा को नुकसान की आशंकाओं के बीच पीएम नरेंद्र मोदी के मुस्लिम तुष्टीकरण पर दिए बयान पर अचानक देश में बहस छिड़ गई। वहीं कांग्रेस छोड़कर बीजेपी प्रत्याशी बने महेंद्रजीत सिंह मालवीया का आदिवासी बहन बेटियों पर दिया बयान भी विवादों में आ गया। दरअसल सियासत रुख भांपकर ही दोनों नेताओं इस तरह के बयान दिए हैं, जिस पर विपक्ष ने भी तीखा हमला बोल दिया है।
दरअसल राजनीतिक विश्लेषकों ने बीजेपी की 25 सीटें जीतने की हैट्रिक में बांसवाड़ा-डूंगरपुर की सीट को ही बाधक बताया। हर किसी के मुंह से यही निकल रहा था कि वागड़ की सीट इस बार बाप के खाते में जाने वाली है। इस की वजह यह है कि यहां की 8 विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी के पास दो ही सीटें हैं। एक सीट बाप और बाकी सीटें कांग्रेस के पास है। वोटो का गणित निकालें तो इन आठ सीटों पर कांग्रेस को 5 लाख 95 हजार व बीजेपी को 5 लाख 30 हजार वोट मिले। वहीं बाप को 4 लाख 81 हजार वोट मिले हैं। यहां कांग्रेस के प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया तो पार्टी ने उसे निष्कासित कर दिया। ऐसे में बाप के प्रत्याशी राजकुमार रोत का दबदबा बढ़ गया और बीजेपी प्रत्याशी जो की इस क्षेत्र के सबसे कद्दावर नेता हैं, कमजोर माने जा रहे हैं।
यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां ध्रुवीकरण के लिहाज से मुस्लिम तुष्टीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस हिंदुओं की संपत्ति मुसलमानों को देना चाहती है। इसके बाद बीजेपी के अन्य लीडर भी इसी लाइन पर बयानबाजी करने उतर गए। जवाब में कांग्रेस ने तीखा हमला बोलते हुए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के उस भाषण का हिस्सा सोशल मीडिया अपलोड किया, जिसका जिक्र पीएम मोदी ने किया था।
बहरहाल बाप प्रत्याशी राजकुमार रोत ने भी अपना एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वे महेंद्रजीत सिंह मालवीया के उस बयान का जिक्र कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि बाप जीती तो आदिवासी बहन बेटियों की शादी मुस्लिमों से करवा देंगे। रोत ने कहा कि बीजेपी के लोग बौखला गए हैं। उन्हें अपनी बहन बेटियों की इज्जत की परवाह नहीं है। कुछ भी बयानबाजी कर रहे हैं। जनता इनकी नीयत समझ गई है। चुनाव में हार के डर से बीजेपी इस तरह की बयानबाजी कर रही है।
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