मन में जमे मैल को हटाने, रिश्तों में आ रहे जोल को मिटाने के लिए मेलजोल जरूरी – डॉ मेहता

उदयपुर। उद्यमिता विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा परस्पर सौहार्द वृद्वि के उद्देश्य से विद्या भवन पॉलिटेक्निक में आयोजित ‘मेलजोल मेला” शनिवार को आयोजित किया गया।
मेले में पॉलिटेक्निक कॉलेज के स्टाफ व स्टूडेंट्स ने खाने-पीने, वैज्ञानिक खेल, प्रकृति संरक्षण जागरूकता की कई स्टाल लगाई तथा मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। नव प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत भी किया गया।
मेले का उद्घाटन उद्योगपति दिलीप गलुण्डिया, शिक्षाविद प्रो. अरुण चतुर्वेदी तथा वायुसेना के पूर्व अधिकारी डॉ. पुखराज सकलेचा ने किया।

उद्योगपति गलुण्डिया ने कहा कि मेले में विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई स्टाल एक व्यापारिक प्रतिष्ठान, एक औद्योगिक इकाई का छोटा प्रतिरूप है, जंहा किसी उत्पाद के निर्माण, विपणन व लाभ अर्जित करने की प्रक्रियाएं भविष्य के लिए उद्यमी तैयार कर रही है।
प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि विद्यार्थियों ने अपने लघु व्यापारिक प्रयास में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर एवं पर्यावरण हितैषी साधनो का प्रयोग कर यह साबित किया है कि पर्यावरण संरक्षण – संवर्धन व औद्योगिक विकास साथ साथ किये जा सकते है।

प्राचार्य डॉ. अनिल मेहता ने कहा कि मन के मैल को हटाने तथा रिश्तों में आ रहे जोल को मिटाने के लिए “मेलजोल ” बढ़ाना जरूरी है।

मेला संयोजक प्रकाश सुंदरम ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


About Author
You may also like
राजस्थान की प्रमुख खबरें…सशक्त और समृद्ध राजस्थान, सुशासन, सांस्कृतिक गौरव और निवेश में देश का बढ़ता कदम
दौरों की गुलाबी सियासत या जमीनी सुधार? उदयपुर के ऐतिहासिक ‘गुलाब बाग’ की बदलती तस्वीर
कर्तव्य की खाकी में संवेदना का स्पंदन: उदयपुर पुलिस का ‘महिला सुरक्षा संकल्प’ बना विश्वास और सुरक्षा का सेतु
धानमंडी के मुरली मनोहर मंदिर में धूमधाम से मना तीन दिवसीय पाटोत्सव, ठाकुरजी को लगा एक क्विंटल आम का भोग
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विजन : महिला सशक्तिकरण और सस्टेनेबल विकास से समृद्ध हो रहा राजस्थान
