
उदयपुर। राजस्थान विद्यापीठ के संघटक स्कुल ऑफ एग्रीकल्चर साईंसेस को राज्य सरकार से मान्य प्राप्त हो गयी है जिसके आधार पर इसी सत्र से जेट के माध्यम से 120 विद्यार्थी एग्रीेकल्चर महाविद्यालय में प्रवेश ले सकेंगे। कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने बताया कि विद्यापीठ राज्य का पहला विश्वविद्यालय होगा जो राज्य सरकार, युजीसी एवं आईसीएआर से मान्यता प्राप्त है। महाविद्यालय में नवीन एवं अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ विद्यार्थियों को मिल सकेेगा। प्रो. सारंगदेवोत ने बताया कि एग्रीकल्चर को एआई की तकनीक से जोड़ा गया है जिससे आने वाले विद्यार्थियों को परम्परागत एवं नवीन तकनीक से जोड़ा जा सकेगा। कोरोना के बाद एग्रीकल्चर में युवाओं का रूझान बढ़ा है।
प्रो० सारंगदेवोत का किया सम्मान –
राज्य सरकार से जेट की मान्यता मिलने पर कुलपति प्रो. एस. एस. सारंगदेवोत का उपरणा एवं मुंह मीठा करा कर सम्मान किया गया। इस मौके पर रजिस्ट्रार डॉ. तरूण श्रीमाली, परीक्षा नियंत्रक डॉ. पारस जैन, डॉ. युवराज सिंह राठौड, डॉ. धमेन्द्र राजौरा, निदेशक प्रो. गजेन्द्र माथुर, प्रो. आईजे माथुर, प्रो. ए.एस. जोधा, डॉ. शेलेन्द्र मेहता, कृष्णकांत कुमावत, जितेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. यज्ञ आमेटा, डॉ. सौरभ सिंह, मुर्तजा सहित कार्यकर्ताओ ने प्रो. सारंगदेवोत का उप२णा ओढा कर सम्मान किया।
स्रोत : कृष्णकांत कुमावत, निजी सचिव वाइस चांसलर
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