ईरानी हमला खतरनाक और गैर-जिम्मेदार : कतर के प्रधानमंत्री ने गैस ठिकाने पर हमले को लेकर दी सख्त चेतावनी

दोहा/अंकारा | कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कतर के नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को निशाना बनाने के लिए ईरान की कड़ी निंदा की है। तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान के साथ अंकारा में आयोजित एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ईरान की इस “बढ़ती आक्रामकता” को पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए एक गंभीर खतरा करार दिया।

 

प्रधानमंत्री अल थानी ने विशेष रूप से बुधवार को रास लाफान (Ras Laffan) ऊर्जा परिसर पर हुए हमले का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्राकृतिक गैस ठिकाना न केवल कतर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए भी जीवन रेखा है जिनकी मदद कतर अपनी ऊर्जा आपूर्ति के माध्यम से करता है। उन्होंने इस कार्रवाई को “आक्रामक और गैर-जिम्मेदार नीति” का परिणाम बताया, जो क्षेत्रीय स्थिरता को जानबूझकर खतरे में डाल रही है।

 

ईरान लगातार यह तर्क देता रहा है कि वह क्षेत्र में केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, न कि किसी अन्य देश के हितों को। कतर के प्रधानमंत्री ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ईरान का यह रुख किसी भी आधार पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हकीकत में कतर के नागरिक और ऊर्जा ठिकानों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, जिसे अमेरिकी हितों पर हमला बताकर सही नहीं ठहराया जा सकता।

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कतर के प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां केवल एक देश का नुकसान नहीं करतीं, बल्कि वैश्विक गैस आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बाधित करती हैं। उन्होंने कहा कि यह आक्रामकता खतरनाक है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि निर्दोष लोगों की आजीविका और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित रखा जा सके।

 

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