मानवाधिकार आयोग के सदस्य नित्यानंद श्रीवास्तव ने किया वृद्धाश्रमों का निरीक्षण, तारा संस्थान के सेवा कार्यों को सराहा

उदयपुर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशिष्ट सदस्य श्री नित्यानंद जी श्रीवास्तव ने अपने उदयपुर प्रवास के दौरान तारा संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न वृद्धाश्रमों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य वृद्धाश्रमों में रह रहे बुजुर्गों को मिलने वाली सुविधाओं और उनके मानवाधिकारों की स्थिति का जायजा लेना था।

व्यवस्थाओं का लिया जायजा
श्री श्रीवास्तव ने ‘कृष्णा शर्मा आनंद वृद्धाश्रम’ और समाज कल्याण विभाग के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Mode) के तहत संचालित राजकीय वृद्धाश्रम का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रम के कमरों, भोजन व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं और स्वच्छता का बारीकी से अवलोकन किया।

वृद्धजनों से सीधा संवाद
आयोग के सदस्य ने वहां निवास कर रहे वृद्धजनों से आत्मीयता के साथ बातचीत की। उन्होंने बुजुर्गों से पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं है और संस्थान का व्यवहार उनके प्रति कैसा है। बातचीत के दौरान वृद्धजनों ने संस्थान द्वारा दी जा रही सेवाओं और देखभाल पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया। कई बुजुर्गों ने संस्थान को अपने ‘दूसरे घर’ जैसा बताया।

 

सेवा समर्पण की सराहना
संस्थान के कार्यों से प्रभावित होकर श्री नित्यानंद जी ने कहा कि समाज के उपेक्षित और असहाय वृद्धजनों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना ईश्वर की सच्ची सेवा है। उन्होंने तारा संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा— “वृद्धजनों के लिए इस प्रकार के समर्पित प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी हैं।” उन्होंने पदाधिकारियों को भविष्य में भी इसी सेवा भाव के साथ कार्य जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

संस्थान की प्रतिबद्धता
इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारियों ने श्री श्रीवास्तव को अपनी भावी योजनाओं और वर्तमान में संचालित विभिन्न लोक-कल्याणकारी प्रकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने दोहराया कि संस्थान प्रत्येक वृद्ध व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने और उनके अंतिम पड़ाव को सुखद बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

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