
हिन्दुस्तान जिंक ने विश्व की सबसे गहरी मैराथन में इतिहास रचा, दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ ग्लोबल लीडरशिप को मजबूत किया
उदयपुर। आईसीएमएम सदस्य कंपनी, ने स्वीडन में आयोजित विश्व की सबसे गहरी मैराथन में दो नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर अपनी वैश्विक प्रतिष्ठा को और ऊंचा कर दिया है। कंपनी के सीईओ अरुण मिश्रा और सीओओ किशोर एस. ने इस ऐतिहासिक मैराथन में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जिम्मेदार खनन और आधुनिक तकनीकी उत्कृष्टता की कंपनी की प्रतिबद्धता को नई ऊर्जा दी।

23 अक्टूबर, 2025 को बीकमिंगX, बोलिडेन और इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स द्वारा आयोजित इस विशेष आयोजन में हिन्दुस्तान जिंक एकमात्र भारतीय पार्टनर के रूप में शामिल हुआ। स्वीडन की बोलिडेन गारपेनबर्ग जिंक खदान के 1,120 मीटर नीचे आयोजित इस मैराथन ने सुरक्षित, अत्याधुनिक और जिम्मेदार माइनिंग ऑपरेशन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
इस अंडरग्राउंड मैराथन ने दो आधिकारिक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए—
द डीपेस्ट मैराथन (इंडिविजुअल)
द डीपेस्ट अंडरग्राउंड मैराथन डिस्टेंस रन (टीम)
विशेष रूप से, हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा इन कैटेगरी में गिनीज रिकॉर्ड हासिल करने वाले पहले भारतीय भी बने।

कठिन वातावरण—उच्च आर्द्रता, 30°C तापमान, सीमित दृश्यता और बजरी वाली सतह—के बावजूद 18 देशों के 57 प्रतिभागियों ने 3.84 किमी की सुरंग में 11 लैप्स पूरे कर मैराथन को सफल बनाया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बीकमिंगX फाउंडेशन और वाइल्ड एट हार्ट फाउंडेशन के लिए 1 मिलियन डॉलर से अधिक फंड जुटाना था।
सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा,
“यह मैराथन सिर्फ एक एडवेंचर नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक खनन किस स्तर तक विकसित हो चुका है। हिन्दुस्तान जिंक के लिए यह गर्व की बात है कि हम ऐसे रिकॉर्ड-ब्रेकिंग आयोजन में वैश्विक पार्टनर बने। इस मैराथन ने सिद्ध किया है कि सेफ्टी, टेक्नोलॉजी और कोलेबोरेशन के साथ किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।”
आईसीएमएम के साथ भारतीय दृष्टिकोण को वैश्विक पॉलिसी डिस्कशन में शामिल कराने वाली एक अग्रणी आवाज के रूप में हिन्दुस्तान जिंक सस्टेनेबल माइनिंग, मिनरल सिक्योरिटी और भविष्य की इंडस्ट्रियल ग्रोथ में थॉट लीडरशिप स्थापित कर रहा है।
आईसीएमएम के सीईओ रोहितेश धवन ने आधुनिक, जिम्मेदार और तकनीकी रूप से उन्नत खनन के उदाहरण के रूप में इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि गारपेनबर्ग खदान में हवा की गुणवत्ता कई बड़े शहरों से बेहतर है—यह बताता है कि खनन उद्योग किस तेज़ी से विकसित हुआ है।
हिन्दुस्तान जिंक न केवल सस्टेनेबल माइनिंग में, बल्कि फिटनेस, स्पोर्ट्स डेवलपमेंट और सामुदायिक कल्याण में भी अपनी लीडरशिप को लगातार मजबूत कर रहा है। उदयपुर में वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन और जिंक फुटबॉल जैसी पहलें इसी समर्पण की मिसाल हैं, जिनके माध्यम से हजारों लोग स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक उद्देश्य से जुड़े हैं।
सबसे गहरी मैराथन में हिन्दुस्तान जिंक की भागीदारी नवाचार, सुरक्षा और वैश्विक सहयोग के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का शक्तिशाली संदेश देती है—और यह दिखाती है कि जब इंडस्ट्री एक्सीलेंस और मानव इच्छाशक्ति साथ आती है, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
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