उदयपुर। प्रताप गौरव केन्द्र राष्ट्रीय तीर्थ में स्थित भक्ति धाम में गुरुवार को अन्नकूट महोत्सव हुआ। धाम में विराजित नौ आराध्यों के समक्ष परम्परानुसार विभिन्न व्यंजनों का भोग धराया गया। इसके बाद महाआरती व महाप्रसादी हुई व भजन-कीर्तन हुए।
प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि गुरुवार को 3 बजे भक्तिधाम परिसर में बिराजित भगवान गणेशजी, श्रीनाथजी, चारभुजानाथजी, द्वारिकाधीशजी, एकलिंगनाथजी, सांवरिया सेठजी, चामुण्डा माताजी, केसरियाजी तथा श्री राम दरबार के समक्ष अन्नकूट की झांकी सजाई गई। आराध्यों के समक्ष विभिन्न प्रकार के लड्डू, जलेबी, मावे की बर्फी, बेसनचक्की, मालपुए, बालूशाही, गुलाबजामुन, पेड़े, इमरती, काजूकतली, घेवर, रसगुल्ले, रबड़ी, आगरे के पेठे, रसमलाई, हलवा सहित नमकीन व्यंजनों में खाखरे, मूंगफली, आले-केले की चिप्स, बेसन के गांठिये, चकरी, मूंगमोठ, चना दाल, पपड़ी आदि व्यंजन रखे गए। इनके साथ ही, विभिन्न प्रकार के सूखे मेवे, मौसमी फल, शकरकंद सहित कढ़ी-चावल भी अन्नकूट के भोग में रखे गए।
सक्सेना ने बताया कि सायंकाल 5 बजे बाद महाआरती हुई। महाआरती में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक प्रमुख श्रीवर्धन, सह प्रांत प्रचारक मुरलीधर, राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत, महापौर जीएस टांक, उपमहापौर पारस सिंघवी, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रवीन्द्र श्रीमाली, भाजपा की नाथद्वारा विधानसभा प्रभारी अलका मूंदड़ा आदि अतिथि थे। इस अवसर पर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा प्रत्याशी ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, अमृत मीणा, बाबूलाल खराड़ी, कृष्ण गोपाल पालीवाल, सुरेन्द्र सिंह राठौड़ आदि भी मौजूद थे। महाआरती के उपरांत भजन-कीर्तन के साथ महाप्रसादी हुई।
About Author
You may also like
-
गहलोत पहुंचे गिरिजा व्यास के परिजनों से मिलने: अहमदाबाद में लिया स्वास्थ्य का हाल, डॉक्टरों से भी की बातचीत
-
फतहसागर का साया : एक झील, दो कहानियाँ और अनुत्तरित सवाल
-
बाअदब! बामुलाहिजा…होशियार…पूर्व सल्तनत-ए-मेवाड़ में शाही रस्मो रिवाज के साथ अदा की डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने गद्दी संभालने की रस्म
-
ग्रामीण स्वास्थ्य की ओर एक सार्थक पहल: हिन्दुस्तान जिंक का मेगा हेल्थ कैंप
-
फतहसागर में युवक की छलांग और सवालों की गहराई?